Suzlon Shares: 2026 में 60% ग्रोथ का टारगेट कायम, ग्रुप CEO ने बताया प्लान, जानिए डिटेल्स – suzlon energy shares group ceo says comapnt sticks to 60 percent growth target order book hits record

Suzlon Energy shares: सुजलॉन एनर्जी ने मौजूदा वित्त वर्ष में 60% ग्रोथ के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा है। कंपनी को भरोसा है कि तेज प्रोजेक्ट एग्जिक्यूशन, मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी के दम पर वह इस लक्ष्य को हासिल कर लेगी। यह बात कंपनी के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जेपी चालसानी (JP Chalasani) ने कही। इसके साथ ही कंपनी मध्यम अवधि में चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की भी तैयारी कर रही है।

दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन

सुजलॉन एनर्जी ने दिसंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड आधार पर ₹4,228 करोड़ का रेवन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 42.4% की बढ़ोतरी है। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,968.8 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 14.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹445 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹387.7 करोड़ था।

पुणे मुख्यालय वाली इस कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹66,027.31 करोड़ है। हालांकि, पिछले एक साल में सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई है।

60% ग्रोथ गाइडेंस पर कायम

सुजलॉन एनर्जी के ग्रुप सीईओ जेपी चालसानी ने बताया कि तिमाही के दौरान कंपनी ने 617 मेगावाट की रिकॉर्ड सप्लाई की, जो अब तक किसी भी तिमाही में सबसे ज्यादा है। इससे पहले मार्च तिमाही में 575 मेगावाट की सप्लाई हुई थी। इसके अलावा, कंपनी की ऑर्डर बुक भी रिकॉर्ड 6.4 गीगावाट पर पहुंच गई है।

उन्होंने कहा, “नौ महीनों के अंत में EBITDA और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों ही सालाना आधार पर 77% अधिक हैं। हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमने पहले भी कहा था कि न तो गाइडेंस बढ़ाई जाएगी और न ही घटाई जाएगी। हम 60% ग्रोथ पर कायम हैं और इसे हासिल करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।”

ऑर्डर बुक और रिन्यूएबल एनर्जी बिडिंग पर असर

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नीलामी (ऑक्शन) घटने के सवाल पर CEO ने कहा कि कंपनी की 6.4 गीगावाट की ऑर्डर बुक अब तक की सबसे बड़ी है। इसमें से 51% ऑर्डर कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहकों से हैं। साथ ही, EPC प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 27% हो गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी ऑर्डर बुक का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन न होने से कोई लेना-देना नहीं है और ये सभी कन्फर्म ऑर्डर हैं। इसके अलावा, कंपनी 2.5 से 3 गीगावाट के नए ऑर्डर्स को लेकर बातचीत कर रही है, जो अगले छह महीनों में पक्के ऑर्डर्स में बदल सकते हैं।

जेपी चासलानी ने कहा कि भले ही फिलहाल बिडिंग में थोड़ी सुस्ती दिख रही हो, लेकिन हाल ही में 1,000 मेगावाट की विंड-स्पेसिफिक बिड आई है, जो तीन गुना ओवरसब्सक्राइब हुई। इसके अलावा, फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) बिड भी हाल में पूरी हुई है।

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