Mahashivratri 2026 Samagri: महाशिवरात्रि पर इन 3 चीजों के बिना अधूरी है शिव पूजा, अभी लें आए घर

Mahashivratri 2026 Samagri: महाशिवरात्रि अर्थात भगवान शिव की महान रात. इस दिन रात्रि जागरण कर शिव पूजा का महत्व है. साल में 12 शिवरात्रि होती हैं लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि मनाई जाती है क्योंकि ये शिव जी के वैराग्य को त्यागकर सांसारिक जीवन में प्रवेश करने वाला दिन माना जाता है. इस दिन माता पार्वती ने भोलेनाथ संग विवाह रचाया था. शिव पूजा के लिए जल, बेलपत्र और अक्षत बहुत खास माना जाता है. 

महाशिवरात्रि पूजा सामग्री

शिवलिंग, सफेद वस्त्र, 

बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते

मदार पुष्प या फूलों की माला

गाय का दूध, दही, शक्कर, फल, मिठाई, घी

कमल और सफेद फूल

गंगाजल, महादेव के वस्त्र

माता पार्वती के श्रृंगार का सामान, वस्त्र

हवन सामग्री

दान की सामान, जैसे वस्त्र, अन्न, गुड़, घी आदि

आरती के लिए दीपक, छोटी इलायची, पान-सुपारी

गाय का घी, कपूर, इत्र, लौंग, 

जनेऊ, चंदन, केसर, अक्षत्

मौसमी फल, खस, अभ्रक, कुश का आसन

मौली, रक्षा सूत्र, भस्म, शहद, बेर, 

शिव चालीसा और कथा की किताब 

भोग के लिए हलवा, ठंडाई, लस्सी

महाशिवरात्रि की रात क्यों करते हैं जागरण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार महाशिवरात्रि की रात को ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि ये मानव शरीर में ऊर्जा को शक्तिशाली ढंग से ऊपर की ओर ले जाती है। इस रात रीढ़ को सीधा रखकर जागृत और सजग रहना हमारी शारीरिक और आध्यात्मिक खुशहाली के लिए बहुत ही लाभदायक है.

महाशिवरात्रि पर रात में शिव साधना न सिर्फ ज्योतिष नजरिए से बल्कि भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए भी महत्वपूर्ण है. महाशिवरात्रि पर की गई महादेव की आराधना सुयोग्य जीवनसाथ और वैवाहिक जीवन में खुशहाली पाने के लिए महत्वपूर्ण है.

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर अभिषेक के बाद, शिव मंदिर से लें आएं ये चीज, धन की नहीं होगी कमी

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Read More at www.abplive.com