Chocolate Day 2026: क्या चॉकलेट से रिश्तों में आ जाती है मिठास, जानें रिलेशनशिप के इस हिस्से पर क्या कहती है साइकोलॉजी?

Can Chocolate Strengthen Relationships: लोग हर साल 9 फरवरी को चॉकलेट डे मनाते हैं, जो वैलेंटाइन वीक की मीठी शुरुआत माना जाता है. इस दिन लोग अपने प्यार, अपनापन और आभार को जाहिर करने के लिए चॉकलेट का सहारा लेते हैं. गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड, पार्टनर या किसी खास को चॉकलेट देना अब सिर्फ एक तोहफा नहीं रहा, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का एक तरीका बन चुका है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या सच में चॉकलट से रिश्तों में मिठास आ जाती है. 

सिर्फ स्वाद तक नहीं सीमित चॉकलेट

चॉकलेट का असर सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है. जैसे ही हम चॉकलेट का एक टुकड़ा मुंह में रखते हैं, हमारी कई सेंसेस एक साथ सक्रिय हो जाती हैं,उसका रंग, खुशबू, स्वाद, चबाने की आवाज और मुंह में घुलने का एहसास. यही वजह है कि ज्यादातर लोग चॉकलेट को पसंद करते हैं. कुछ लोग बोरियत में खाते हैं, कुछ तनाव से निपटने के लिए, और कुछ सिर्फ इसलिए क्योंकि इससे अच्छा महसूस होता है.

हमें इतना पसंद क्यों आती है चॉकलेट

रिसर्च के जुड़े विषयों की जानकारी देने वाली Researchoutreach के अनुसार, साइंटिस्ट ने भी यह जानने की कोशिश की है कि चॉकलेट हमें इतनी पसंद क्यों आती है. रिसर्च के मुताबिक, चॉकलेट खाने पर दिमाग कुछ खास केमिकल्स रिलीज करता है, जो खुशी और सुकून से जुड़े होते हैं. इनमें एंडॉर्फिन, सेरोटोनिन, डोपामिन और ऑक्सीटोसिन शामिल हैं. ये केमिकल्स हमारे मूड को बेहतर बनाने और अच्छा महसूस कराने में मदद करते हैं.

एंडॉर्फिन को प्राकृतिक पेनकिलर कहा जाता है. यह दर्द और तनाव को कम करता है और साथ ही खुशी का एहसास बढ़ाता है. सेरोटोनिन को आमतौर पर ‘हैप्पी केमिकल’ माना जाता है, जो मूड, संतुष्टि और पॉजिटिव सोच से जुड़ा होता है. डोपामिन दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम का हिस्सा है, जो हमें खुशी और उत्साह का अनुभव कराता है. वहीं ऑक्सीटोसिन को बॉन्डिंग हार्मोन कहा जाता है, जो प्यार और अपनापन महसूस कराने में अहम भूमिका निभाता है.

तनाव कम करने और आराम में भी मददगार

चॉकलेट में मौजूद कुछ तत्व जैसे ट्रिप्टोफैन, फिनाइलएथाइलामीन और थियोब्रोमिन को भी इन भावनाओं से जोड़ा जाता है. माना जाता है कि ये तत्व तनाव कम करने और अच्छा महसूस कराने में मदद करते हैं, हालांकि ये बहुत कम मात्रा में होते हैं. फिल्मों और कहानियों में भी चॉकलेट को सुकून और राहत का प्रतीक दिखाया गया है. जैसे हैरी पॉटर में चॉकलेट खाने से अच्छा महसूस होने का सीन. असल जिंदगी में भी कई लोग मानते हैं कि चॉकलेट खाने से मूड बेहतर होता है. संभव है कि इसका असर सिर्फ केमिकल्स की वजह से नहीं, बल्कि हमारी सोच और अनुभवों से भी जुड़ा हो.

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