ITC Share Price: खत्म हुआ गिरावट का दौर? निवेश को लेकर समझें एक्सपर्ट्स की स्ट्रैटेजी – itc share price slips to 52 week low after budget and tax hike on cigarettes what should investors do check target price

ITC Share Price: अगले वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश होने और सिगरेट पर टैक्स हाइक प्रभावी होने के अगले दिन 2 फरवरी को एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी आईटीसी के शेयर धड़ाम हो गए। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। इस निचले स्तर से यह थोड़ा ऊपर आ चुका है लेकिन अभी भी एक्सपर्ट इसे लेकर सतर्क हैं। सिर्फ यही नहीं कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने इसका टारगेट प्राइस भी घटा दिया है। इसके मौजूदा स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 6 फरवरी को बीएसई पर यह 5.09% की धमाकेदार तेजी के साथ ₹326.05 पर बंद हुआ था। वहीं 2 फरवरी को यह एक साल के निचले स्तर ₹326.05 तक टूट गया था। पिछले साल 6 फरवरी 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई ₹450.10 पर था।

ITC पर क्या है एनालिस्ट्स का रुझान?

घरेलू ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज के प्रमुख (टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च) सुदीप शाह से जब यह पूछा किया कि लंबे समय बाद मजबूत वॉल्यूम के साथ आईटीसी ने लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया तो क्या यह पक्के तौर पर कह सकते हैं कि आईटीसी बॉटम आउट हो चुका है तो उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी। सुदीप शाह के मुताबिक मजबूत वॉल्यूम के दम पर लॉन्ग बुलिश कैंडल प्रोत्साहित करने वाला तो है लसेकिन यह खुद में ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि नहीं करता है। उनका कहना है कि अभी भी यह अहम शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे ही है तो सतर्क रहना चाहिए। उनका कहना है कि अभी की हालिया जोरदार तेजी ₹305-₹310 के लॉन्ग टर्म सपोर्ट से आई है और आगे तेज रिकवरी के लिए जरूरी है कि यह लेवल बना रहे क्योंकि यह डाउनसाइड टूटा तो इसमें कमजोरी बढ़ सकती है।

सिगेरट पर टैक्स बढ़ाने का जब नोटिफिकेशन आया था यानी कि इस साल की शुरुआत में, कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने आईटीसी की रेटिंग घटा दी और टारगेट प्राइस भी कम कर दिया था। नुवामा ने इसकी रेटिंग को खरीदारी से घटाकर होल्ड और टारगेट प्राइस को कम करके ₹534 से ₹415 कर दिया। मोतीलाल ओसवाल ने भी इसकी रेटिंग को खरीदारी से घटाकर न्यूट्रल कर दी और टारगेट प्राइस को कम करके ₹400 कर दिया। नुवामा ने कहा था कि सिगरेट पर टैक्स में तेज उछाल की उम्मीद तो थी लेकिन नोटिफिकेशन में उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी की गई। मोतीलाल ओसवाल ने कहा था कि एक सिगरेट स्टिक पर सिर्फ मौजूदा नेट रियलाइजेशन को बनाए रखने के लिए ही कंपनी को पोर्टफोलियो लेवल पर कम से कम 25% कीमतें बढ़ानी होंगी।

कितनी बढ़ी कीमतें?

पिछले साल दिसंबर में संसद ने सेंट्रल एक्साइज (एमेंडमेंट) बिल, 2025 ने मंजूरी दी थी जिससे सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर शुल्क में भारी बढ़ोतरी का रास्ता साफ हुआ। एक आदेश के अनुसार सिगरेट पर 40% जीएसटी के अलावा एक्साइज ड्यूटी लगाया जाएगा। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के हिसाब से सिगरेट की लंबाई के आधार पर 1,000 सिगरेट पर ₹2,050-₹8,500 तक की एक्साइज ड्यूटी 1 फरवरी से लागू हो गई है। इसके लागू होने के बाद सिगरेट की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और अब 10 सिगरेट के एक पैकेट की कीमत कम से कम ₹22-₹25 बढ़ी हैं।

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