Nifty Outlook: ट्रेड डील फाइनल! अब 9 फरवरी को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, जानिए एक्सपर्ट से – nifty outlook 9 february 2026 india us trade deal impact support 25500 resistance 26000 bank nifty levels hindalco ongc results

Nifty Outlook: निफ्टी में शुक्रवार को दिन के निचले स्तर से करीब 200 अंकों की जोरदार रिकवरी ने बाजार की दिशा को लेकर दो अहम बातें साफ कर दी हैं। पहली, बुल्स किसी भी कीमत पर निफ्टी को 25,500 के नीचे जाने नहीं देना चाहते।

दूसरी, इंडेक्स के बड़े शेयर अभी पूरी तरह थके नहीं हैं। यही वजह है कि ऊपरी स्तरों पर दबाव के बावजूद निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल्स को बचाने में कामयाब रहा।

अब किन वजहों से चढ़ सकता है निफ्टी?

नए ट्रेडिंग हफ्ते की शुरुआत निफ्टी को ऊपर की ओर मूव करने के कुछ ठोस कारण दे सकती है। सबसे बड़ा ट्रिगर वीकेंड पर सामने आया भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क है। इससे यह काफी हद तक साफ हो गया है कि किसे क्या फायदा मिलेगा। इससे बाजार पर बना एक बड़ा अनिश्चितता का बोझ हट गया है।

दूसरा अहम फैक्टर शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में आई रिकवरी है। इसका फायदा आईटी शेयरों को मिल सकता है। खासकर, जब आईटी सेक्टर ने पिछले चार महीनों का सबसे कमजोर हफ्ता देखा था। इससे आईटी शेयरों में राहत की चाल दिख सकती है।

ट्रेंड पॉजिटिव, लेकिन सावधानी जरूरी

हालांकि निफ्टी अभी भी पिछले मंगलवार के हाई 26,341 से करीब 650 अंक नीचे है, लेकिन पिछले दो कारोबारी सत्रों में हर गिरावट पर खरीदारी देखने को मिली है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल ट्रेंड ऊपर की ओर झुका हुआ है।

इसके बावजूद सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि चार्ट पर निफ्टी ने लगातार एक और दिन lower high और lower low बनाया है। जब तक यह पैटर्न टूटता नहीं है, तब तक ऊंचे स्तरों पर टिकाऊ तेजी की पुष्टि नहीं मानी जाएगी।

25,500 का लेवल क्यों है इतना अहम

बुल्स के लिए राहत की बात यह रही कि शुक्रवार को निफ्टी 25,500 के नीचे फिसलने के बाद भी संभल गया और दिन के हाई के आसपास बंद हुआ। इससे यह साफ हो गया कि यह लेवल बाजार के लिए मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

ऊपर की तरफ देखें तो पहले 25,757 (गुरुवार का हाई) और उसके बाद 25,818 (बुधवार का हाई) अहम रेजिस्टेंस रहेंगे। इन स्तरों के ऊपर निकलने के बाद 26,000 का आंकड़ा इस हफ्ते निफ्टी के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। नीचे की ओर फिलहाल सबसे बड़ा सपोर्ट 25,500 ही बना हुआ है।

अर्निंग सीजन से मिलेंगे अगले संकेत

अर्निंग सीजन अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले हफ्ते में कई बड़ी कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी, जिनमें Hindalco Industries और ONGC जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।

नतीजों के इस दौर के खत्म होते ही बाजार को अगली दिशा के लिए नए संकेत मिलेंगे। तब तक निफ्टी की चाल सपोर्ट और रेजिस्टेंस के इसी दायरे में घूमती नजर आ सकती है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में है। नीचे की ओर 25,500 का मजबूत सपोर्ट है। वहीं, ऊपर की तरफ 25,700 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 25,500-25,700 की रेंज में बने रहने की संभावना है। इस दायरे के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट से इंडेक्स में दिशात्मक मूव शुरू हो सकता है।

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के अनुसार, 3 फरवरी को बना बड़ा अपसाइड ओपनिंग गैप चार सत्रों के बाद भी आंशिक रूप से भरा हुआ है। अगर यह गैप अगले कुछ सत्रों तक आंशिक रूप से भरा ही रहता है, तो इसे ‘बुलिश रनअवे गैप’ माना जा सकता है, जो आमतौर पर अपट्रेंड के बीच बनता है। ऐसे में 25,800 के ऊपर टिकाऊ मूव निफ्टी को 26,000 और उसके बाद 26,350 तक ले जा सकता है। तत्काल सपोर्ट 25,500 पर बना हुआ है।

बैंक निफ्टी का कैसा रहेगा हाल

बाजार का एक और सकारात्मक पहलू पिछले हफ्ते निफ्टी बैंक की मजबूती रही। हर गिरावट के बावजूद इंडेक्स लगातार चार कारोबारी सत्रों तक 60,000 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। यह स्तर आगे भी बेहद अहम रहेगा, जबकि पिछले हफ्ते बना रिकॉर्ड हाई 61,764 अभी कुछ दूरी पर है।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि निफ्टी बैंक के लिए 60,300-60,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है और यह एक अहम सप्लाई एरिया है। इस जोन के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट से इंडेक्स 60,800 और फिर 61,200 की ओर बढ़ सकता है। नीचे की ओर 59,700-59,600 (20-डे EMA) मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।

LKP Securities के वत्सल भुवा के मुताबिक, निफ्टी बैंक में बाय-ऑन-डिप्स की रणनीति अपनाई जा सकती है, बशर्ते इंडेक्स 59,500 के ऊपर बना रहे। नीचे की ओर तत्काल सपोर्ट 59,800 के आसपास है। वहीं, ऊपर की तरफ 60,800 के पास मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

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