आजकल मेंटल हेल्थ को लेकर कई लोग परेशान हैं. इस परेशानी को दूर करने के लिए लोग थैरेपी ऐप्स का सहारा ले रहे हैं, लेकिन ये ऐप्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. एक ताजा रिपोर्ट में पता चला है कि एंड्रॉयड पर थैरेपी ऐप्स आपका डेटा और प्राइवेट थैरेपी रिकॉर्ड लीक कर रही हैं. इससे भी चिंताजनक बात यह है कि यह खतरा यहीं खत्म नहीं होता. आपकी थैरेपी से जुड़ा पूरा डेटा डार्क वेब पर भी जा सकता है. आइए इस बारे में डिटेल से जानते हैं.
नई रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
सिक्योरिटी रिसर्चर ओवरसिक्योर्ड ने दावा किया है कि कई टॉप थैरेपी और एआई थैरेपी ऐप्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं और इनसे डेटा लीक होता है और इस डेटा को डार्क वेब पर बेचा जा सकता है. इस तरह देखा जाए तो थैरेपी ऐप्स का पूरा कॉन्सेप्ट ही कॉम्प्रोमाइज हो रहा है क्योंकि थैरेपी ऐप्स को इसलिए बनाया जाता है ताकि आप अपने थैरेपिस्ट के साथ प्राइवेट कन्वर्सेशन कर सकें. ओवरसिक्योर्ड का कहना है कि ‘इंटेट वल्नरैबिलिटीज’ के कारण यह डेटा लीक हो रहा है और इसका असर प्ले स्टोर पर मौजूद कई ऐप्स पर पड़ रहा है.
लाखों यूजर्स पर असर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन ऐप्स को कुल मिलाकर लाखों बार डाउनलोड किया जा चुका है और डेटा लीक का असर लाखों यूजर्स पर पड़ रहा है. इन ऐप्स पर रोजाना एंग्जायटी, डिप्रेशन, ट्रॉमा और एडिक्शन से जुड़ी करोड़ों बातचीत होती हैं, जो उतनी सुरक्षित नहीं है, जितना यूजर सोच रहे हैं. ओवरसिक्योर्ड ने अभी तक इन ऐप्स के नाम जाहिर नहीं किए हैं. सिक्योरिटी रिसर्चर का कहना है कि संबंधित ऐप्स को इन खामियों की जानकारी दे दी गई है और अभी उनके रिस्पॉन्स का इंतजार किया जा रहा है. ओवरसिक्योर्ड का कहना है कि अभी तक किसी भी ऐप डेवलपर ने इन खामियों को दूर करने के लिए सिक्योरिटी पैच रिलीज नहीं किया है.
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