India-US Interim Trade Deal: इंडियन स्टॉक मार्केट्स में लौटने वाली है तेजी, मोटी कमाई के लिए ऐसे बनाएं इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी – india us trade deal india markets may fly high on india us interim trade deal know what should be your investment strategy for nse bse

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापक द्वीपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए रास्ता खुल गया है। ट्रेड डील का ऐलान 3 फरवरी को हो गया था। लेकिन, इसके नियम और शर्तों का इंतजार था। खासकर भारतीय बाजार बेसब्री से इसका इंतजार कर रहा था। रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ भी अमेरिका ने वापस ले लिया है। इससे अब भारत पर अमेरिकी टैरिफ घटकर सिर्फ 18 फीसदी रह गया है। सवाल है कि अंतरिम ट्रेड डील का मार्केट्स पर कितना असर पड़ेगा?

अमेरिका से पहले एक दर्जन देशों से भारत की हो चुकी है डील

Barclays ने कहा है, “हमारा मानना है कि मार्केट्स पर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का असर पहले ही पड़ चुका है। लेकिन, टैरिफ में बड़ी कमी के बाद कई एसेट क्लास पर दिख रहा दबाव अब कम हो जाएगा। इससे एसेट्स की कीमतों को बड़ा सपोर्ट मिलेगा।” खास बात यह है कि अमेरिका से अंतरिम ट्रेड डील के ऐलान से पहले भारत करीब एक दर्जन देशों के साथ ट्रेड डील कर चुका है। टैरिफ में कमी और अब अंतरिम ट्रेड डील का इंडियन मार्केट्स के सेंटिमेंट पर पॉजिटिव असर पड़ने की उम्मीद है।

अमेरिकी टैरिफ 18% रह जाने से कुछ सेक्टर्स पर दबाव तुरंत घट जाएगा

Nomura के मुताबिक, अमेरिकी टैरिफ घटकर करीब 18 फीसदी रह जाने से लेबर-आधारित एक्सपोर्ट सेगमेंट्स पर दबाव तुरंत घट जाएगा। इससे इंडियन एक्सपोर्ट्स फिर से दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के उत्पादों का मुकाबले कर सकेंगे। खिलौनों और फर्नीचर जैसे प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट जो बीच में वियतनाम जैसे देशों से हो रहा था, वह फिर से भारत से होने लगेगा। हालांकि, अगर तुरंत असर की बात की जाए तो शेयर बाजार के सेंटिमेंट पर इसका तुरंत असर पड़ सकता है।

अगर अर्निंग्स ग्रोथ में भी रिकवरी आई तो ऊंची उड़ान भरेगा शेयर बाजार

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका के साथ अंतरिम ट्रेड डील से शेयर बाजार का सेंटिमेंट बेहतर होगा। लेकिन, बाजार में तेजी के टिकने के लिए छोटी-बड़ी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ में रिकवरी जरूरी है। नोमुरा ने कहा है कि भारत टैरिफ में रियायत हासिल करने के साथ ही कृषि जैसे संवेदनशील सेक्टर को ज्यादा नहीं ओपन करने की अपनी कोशिश में कामयाब रहा है। ऐसे में अंतरिम ट्रेड डील और टैरिफ घटने का सीधा फायदा उन सेक्टर्स को होगा, जो अमेरिका को ज्यादा एक्सपोर्ट करते हैं।

9 फरवरी को मार्केट खुलने पर इन सेक्टर्स में दिख सकती है तेजी

9 फरवरी को स्टॉक मार्केट्स खुलने पर टेक्सटाइल्स, कैपिटल गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर सेक्टर, फार्मा जैसे सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड डील के ऐलान के बाद शेयर बाजार में बड़ी तेजी आई थी। कई सेक्टर की कंपनियों को पंख लग गए थे। लेकिन, बाद में अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स लॉन्च होने की खबर ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया था। आईटी कंपनियों में बड़ी गिरावट का असर पूरे बाजार पर पड़ा था।

2026 शेयरों के निवेशकों के लिए रह सकता है शानदार

मॉर्गन स्टेनली ने 6 फरवरी को अपनी नई रिपोर्ट में बताया है कि अगर सबकुछ ठीक रहता है तो इंडियन मार्केट्स के लिए साल 2026 शानदार रह सकता है। Morgan Stanley के इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट्स रिद्धम देसाई और नयंत पारेख ने कहा है कि इंडियन मार्केट्स में तेजी आने की कई वजहें हैं। आरबीआई की पॉलिसी ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली है। आरबीआई ने बीते एक साल में रेपो रेट में 1.25 फीसदी की कमी की है। वह लगातार बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने यूनियन बजट 2026 में कैपिटल एक्सपेंडिचर पर फोकस बनाए रखा है। जीएसटी के रेट्स में बड़ी कटौती हुई।

यह भी पढ़ें: India-US Interim Trade Deal: इस डील का सबसे ज्यादा फायदा इस सेक्टर को होगा, इनवेस्टर्स ऐसे उठा सकते हैं मौके का फायदा

इनवेस्टर्स मौके का फायदा उठाने के लिए ऐसे बना सकते हैं इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी

मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि तेजी की स्थिति में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 प्वाइंट्स तक जा सकता है। सामान्य स्थिति में यह दिसंबर तक 95,000 तक जा सकता है। बेयर केस यानी गिरावट की स्थिति में यह इस साल के अंत तक 76,000 तक जा सकता है। अगर आने वाले महीनों में कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ती है और बाजार में तेजी टिकती है तो उन इनवेस्टर्स को ज्यादा फायदा होगा, जिन्होंने कम भाव पर अच्छी कंपनियों के शेयरों में एंट्री ली है। इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स गिरावट के मौके का इस्तेमाल बाजार में निवेश के लिए कर सकते हैं। निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने की जगह धीर-धीरे निवेश करना होगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Read More at hindi.moneycontrol.com