
Ghuskhor Pandat Movie: लखनऊ से एक फिल्म को लेकर विवाद तेजी से सुर्खियों में आ गया है.‘घूसखोर पंडत’ नाम की फिल्म को लेकर सियासी माहौल भी गर्म हो गया है. बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस फिल्म पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसे तुरंत बैन करने की मांग की है.
मायावती ने ये लिखा
मायावती ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि बीते कुछ समय से ‘पंडत’ शब्द को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उसे घूसखोरी जैसे आरोपों से जोड़कर दिखाया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं और यह पूरे समाज के सम्मान पर चोट करने जैसा है. उन्होंने आगे कहा कि इस फिल्म को लेकर ब्राह्मण समाज में काफी नाराजगी है और उनकी पार्टी भी इसका कड़ा विरोध करती है. मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसी जातिसूचक फिल्म पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए.
डायरेक्टर और टीम के खिलाफ FIR
उधर, इस मामले में लखनऊ पुलिस ने भी कदम उठाया है. हजरतगंज कोतवाली में फिल्म के डायरेक्टर और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. उन पर आरोप है कि फिल्म के जरिए एक विशेष जाति का अपमान किया गया और समाज में तनाव फैलाने की कोशिश की गई.
धारा 66 के तहत भी कार्रवाई
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें जाति, धर्म या भाषा के आधार पर वैमनस्य फैलाने, किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और शांति भंग करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत भी कार्रवाई की गई है.
फिल्म निर्माता का बयान
इन सब के बाद फिल्म निर्माता नीरज पांडे की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और इसका किसी भी जाति या समुदाय से कोई संबंध नहीं है. ‘नेटफ्लिक्स’ की इस फिल्म को एक दिन पहले अपने नाम को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा जिसके बाद पांडे का यह बयान सामने आया है. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में पांडे ने स्वीकार किया कि फिल्म के शीर्षक से दर्शकों के एक वर्ग की भावनाएं ‘‘आहत’’ हुई हैं और उन्होंने कहा कि फिलहाल फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री हटा ली जाएगी.
मनोज वाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी
I respect the emotions and concerns people have shared, and I take them seriously. When something you are part of causes hurt to some people, it makes you pause and listen.
As an actor, I come to a film through the character and the story I am playing. For me, this was about… https://t.co/IGlQtLQeNs
— manoj bajpayee (@BajpayeeManoj) February 6, 2026
फिल्म पर उठ रहे सवाल को लेकर खुद एक्टर मनोज वाजपेयी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखते हुए लिखा,
मैं लोगों द्वारा साझा की गई भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं. जब किसी ऐसी चीज से, जिसका आप हिस्सा होते हैं, कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो यह आपको रुककर सुनने के लिए मजबूर करता है.
एक अभिनेता के रूप में, मैं किसी फिल्म से उसके किरदार और उस कहानी के माध्यम से जुड़ता हूं, जिसे मैं निभा रहा होता हूं. मेरे लिए यह एक ऐसे व्यक्ति को दिखाने की कहानी थी, जो कमियों से भरा है और आत्म-बोध की यात्रा पर निकलता है. इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय के बारे में कोई बयान देना नहीं था.
नीरज पांडे के साथ काम करने के अपने अनुभव में मैंने हमेशा देखा है कि वह अपनी फिल्मों को लेकर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम करते हैं. जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म निर्माताओं ने प्रचार सामग्री को हटाने का फैसला किया है. यह इस बात को दर्शाता है कि उठाई गई चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है.
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