वॉशिंगटन पोस्ट ने बड़े पैमाने पर छंटनी की है, जिसमें कंपनी के लगभग एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है. इस छंटनी के बारे में 4 फरवरी 2026 को बताया गया और इसमें इंटरनेशनल रिपोर्टिंग, स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट, लोकल खबरें और अन्य कई सेक्शन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यूक्रेन में युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग कर रही उनकी संवाददाता लिजी जॉनसन को भी इसी दौरान नौकरी से निकाल दिया गया.
जिस नौकरी पर गर्व था, वही हाथ से गई
कीव में तैनात रहीं लिजी जॉनसन ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मुझे अभी-अभी वॉशिंगटन पोस्ट ने युद्ध क्षेत्र के बीच में निकाल दिया है. मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं. मैं बेहद दुखी हूं.’ उन्होंने पहले भी पोस्ट किया था कि बिजली, हीटिंग और पानी के बिना काम करना कितना मुश्किल है, लेकिन वे वहां रिपोर्टिंग जारी रखने पर गर्व महसूस करती थीं. अब उनकी छंटनी ने पत्रकारिता की दुनिया में बड़ा आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि यह दिखाता है कि कंपनी युद्ध जैसे संकट में भी अंतरराष्ट्रीय कवरेज को कम कर रही है.
नई दिल्ली समेत कई देशों के ब्यूरो बंद
एक्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने स्टाफ को एक मीमो में बताया कि यह छंटनी कंपनी के आने वाले कल को सुरक्षित करने के लिए है. कंपनी अब राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और बिजनेस जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेगी. अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. कई ब्यूरो बंद हो गए या काफी कम कर दिए गए, जैसे:
- एशिया एडिटर की पोस्ट खत्म.
- नई दिल्ली, सिडनी और काहिरा के ब्यूरो चीफ्स की छंटनी.
- पूरी मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम निकाल दी गई.
- चीन, ईरान और तुर्किये के रिपोर्टर्स को निकाला गया.
- यूक्रेन ब्यूरो पर भी कश्मकश बनी हुई है.
इसके अलावा खेल विभाग को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया है, बुक्स सेक्शन खत्म हो गया, डेली ‘पोस्ट रिपोर्ट्स’ पॉडकास्ट कैंसल कर दिया गया और वॉशिंगटन की मेट्रो डेस्क पर गहरा कट लगाया गया. अमेजन की बीट कवर करने वाली रिपोर्टर कैरोलाइन ओ’डोनोवन भी निकाल दी गईं, जबकि कंपनी के मालिक जेफ बेजोस अमेजन के फाउंडर हैं.
जेफ बेजोस ने 2013 में खरीदा था वॉशिंगटन पोस्ट
वॉशिंगटन पोस्ट को 2024 में करीब 100 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था. पूर्व एक्जीक्यूटिव एडिटर मार्टी बैरन ने कहा कि यह फैसला टॉप लेवल से लिया गया. 2024 के चुनाव से पहले कमला हैरिस को एंडोर्समेंट देने की योजना रद्द करने से सब्सक्रिप्शन में भारी गिरावट आई. कुछ कर्मचारियों का मानना है कि यह सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि वैचारिक फैसला भी है. वॉशिंगटन पोस्ट गिल्ड ने कहा कि पिछले तीन सालों में स्टाफ करीब 400 लोगों से कम हो चुका है. गिल्ड ने बेजोस से अपील की कि अगर वे कंपनी में निवेश नहीं करना चाहते तो कोई नया मालिक ढूंढा जाए.
इंटरनेशनल कवरेज के बिना वॉशिंगटन पोस्ट कमजोर
मार्टी बैरन ने इसे ‘दुनिया के सबसे महान न्यूज ऑर्गनाइजेशन के इतिहास के सबसे अंधेरे दिनों’ में से एक बताया है. पूर्व संवाददाता एशले पार्कर ने कहा कि बिना अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो के वॉशिंगटन कवरेज कमजोर हो जाएगा. यूक्रेन ब्यूरो चीफ सियोभान ओ’ग्रेडी ने लिखा कि वे युद्ध की रिपोर्टिंग के लिए जान जोखिम में डालते हैं और रीडर्स को ऐसी खबरें चाहिए.
यह छंटनी अमेरिकी मीडिया में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता से पीछे हटने का संकेत है. दुनिया अधिक वैश्विक हो रही है, लेकिन अमेरिकी मीडिया घरेलू मुद्दों पर ज्यादा फोकस कर रहा है. कई लोग इसे पत्रकारिता के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं, क्योंकि युद्ध क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग कम हो जाएगी.
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