इस साल रमजान का पवित्र महीना 18 से 19 फरवरी के बीच शुरू हो जाएगा. चांद दिखने के बाद इस पवित्र महीने की शुरुआत होगी. यहां संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले और कर्मचारी अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव ला रहे हैं. इसमें प्राइवेट सेक्टर्स से लेकर सरकारी सेक्टर्स के कर्मचारी भी हैं. इस दौरान ऑफिस के घंटे कम कर दिए गए हैं.
हालांकि, सिर्फ एक धार्मिक त्योहार के चलते या आस्था की वजह से वर्किंग आवर्स में कटौती गई है, बल्कि ये बदलाव यूएई के लेबर्स लॉ और ऑफिशियल सर्कुलर में भी किए गए हैं. इस वजह से हर साल रमजान के समय वर्किंग आवर्स में कटौती कर दी जाती है.
इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना कहलाता है रमजान
रमजान इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना है. इस दौरान कई मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं. प्रार्थना करते हैं. चिंतन करते हैं. सामुदायिक समारोह में शामिल होते हैं. ऐसे में शारीरिक और आध्यात्मिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूएई के अधिकारी वर्किंग शेड्यूल में भी बदलाव करते हैं. इससे कर्मचारियों में एनर्जी और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का समय मिलता रहे. फैमिली के साथ वक्त भी बिताते हैं.
वर्किंग आवर्स से लेकर लाइफस्टाइल एडजस्टमेंट तक श्रम कानून में प्रावधान
यहां के श्रम कानून, (फेडरल डिक्री कानून संख्या 33,2021) की मानें तो रमजान के दौरान वर्किंग आवर्स विशेष रूप से तय किए जाते हैं. इसमें कर्मचारियों के लिए रोजाना का शेड्यूल छोटा करना पड़ता है.
प्राइवेट सेक्टर में वर्किंग आवर्स दो घंटे घटा दिए जाते हैं. यहां प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों की संख्या ज्यादा रहती है. यहां ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट की तरफ से इसे लागू किया जाता है. अब चाहे कर्मचारी ने रोजा रखा हो या नहीं, या वो किसी भी धर्म से संबंध रखता हो.
कर्मचारियों को अपने अधिकार को लेकर जानकारी होना जरूरी है. जैसे पूरे महीने स्टैंडर्ड घंटे या यूएई के कानूनों का पालन न करने पर अधिकारियों से शिकायत करना. ये घंटे सामान्य शेड्यूल की तुलना में हफ्ते के दिनों में 3.5 घंटे और 1.5 घंटे की कमी दर्शाते हैं. इसके अलावा 70% कर्मचारी रिमोट वर्क मोड में रह सकते हैं. इनके अलावा रमजान के दौरान स्कूलिंग आवर्स, वर्क लाइफ एडजस्टमेंट भी किया जाता है.
Read More at www.abplive.com