बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में खुलकर बयान दिया है. रोहिणी आचार्य ने मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) से जुड़े विवाद को लेकर ममता बनर्जी की लड़ाई को लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जोड़ा है.
‘जम्हूरियत और मताधिकार की लड़ाई’
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में कहा, “SIR की प्रक्रिया में चुनाव आयोग के द्वारा बरती गयी एवं बरती जा रही अनियमितताओं के विरुद्ध आदरणीया ममता बनर्जी के द्वारा जारी लड़ाई व् संघर्ष जम्हूरियत व् मताधिकार को महफूज रखने की लड़ाई है”
उन्होंने आगे कहा, “सही मायनों में ममता बनर्जी की ये लड़ाई देश के हरेक पात्र मतदाता के संविधान प्रदत्त अधिकार की लड़ाई है , जम्हूरियत-संविधान को बचाने की लालू व ममता बनर्जी की प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेकर हम में से हरेक को आगे आना होगा तभी देश बचेगा”
रोहिणी आचार्य ने ममता बनर्जी के संघर्ष और जुझारूपन की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए ममता बनर्जी जिस मजबूती और साहस के साथ लड़ाई लड़ रही हैं, वह सराहनीय है. इस संघर्ष को उनका पूरा समर्थन और सलाम है.
SIR की प्रक्रिया में चुनाव आयोग के द्वारा बरती गयी एवं बरती जा रही अनियमितताओं के विरुद्ध आदरणीया ममता बनर्जी जी के द्वारा जारी लड़ाई व् संघर्ष जम्हूरियत व् मताधिकार को महफूज़ रखने की लड़ाई है ..
सही मायनों में ममता बनर्जी जी की ये लड़ाई देश के हरेक पात्र मतदाता के संविधान… pic.twitter.com/mi3PObDKUp
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) February 5, 2026
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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
बता दें पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद अदालत में अपनी बात रखी और चुनाव आयोग पर वोटर सूची से नाम हटाने के आरोप लगाए.
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की है और चुनाव आयोग को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अदालत के रुख के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है. विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही इस प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं. अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं, जो इस विवाद की दिशा तय करेगा.
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