Stock Markets: 2026 में लार्जकैप में बनेगा पैसा, डिफेंस, पावर और डिजिटल इंफ्रा में दिख रहा निवेश का मौका – stock markets 2026 will be year of largecap stocks defense power and digital infrastructure may look attractive motilal oswal wealth report

साल 2026 स्टॉक मार्केट्स के लिए उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि स्टैबिलिटी का साल होगा। मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ की रिपोर्ट में यह बताया गया है। इसमें कहा गया है कि इस साल लार्जकैप शेयरों और फ्लेक्सीकैप स्ट्रेटेजी पर फोकस बढ़ाना ठीक रहेगा। वैल्यूएशन के लिहाज से लार्जकैप स्टॉक्स में मौके दिख रहे हैं। कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ हो रही है। साथ ही प्रॉफिट और एग्जिक्यूशन पर फोकस बढ़ रहा है।

क्या  डिफेंस, डेटा सेंटर्स और ई-कॉमर्स में निवेश के मौके दिख रहे हैं?

मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ के हेड (इक्विटी) अमित गुप्ता ने एक कार्यक्रम में कहा कि डिफेंस, डेटा सेंटर्स और ई-कॉमर्स में निवेश के मौके दिख रहे हैं। डिफेंस पर फोकस बढ़ा है। सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाया है। इंडिया के ग्रोथ मॉडल में डेटा सेंटर्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफक्चरिंग का फोकस बढ़ता दिख रहा है।

डिफेंस, एनर्जी ट्रांजिशन और एडवान्स्ड मैन्युफैक्चरिंग पर क्यों बढ़ा फोकस?

उन्होंने कहा, “खासकर डेटा सेंटर्स इकोनॉमी के लिए नई बुनियाद के रूप में उभर रहे हैं। बड़े एफडीआई इनफ्लो से एक पूरे ईकोसिस्टम में डिमांड बढ़ती दिख रही है, जिनमें पावर, रिन्यूएबल्स, न्यूक्लियर एनर्जी, सर्वर्स, केबल्स, कूलिंग सिस्टम्स और इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।” इसके साथ ही सरकार के डिफेंस, एनर्जी ट्रांजिशन और एडवान्स्ड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बढ़ाने से कॉपर और रेयर अर्थ जैसे क्रिटिकल मिनरल्स का महत्व बढ़ा है।

इडियन मार्केट्स की वैल्यूएशंस में क्या कमी आई है?

सीआईओ संदीपन रॉय के मुताबिक, सितंबर 2024 में ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद इंडियन Stock Markets स्टॉक मार्केट्स में बड़ी गिरावट आई । MSCI Emerging Markets के मुकाबले MSCI India का प्रदर्शन डॉलर में करीब 31 फीसदी कमजोर रहा है। इसके चलते उभरते बाजारों के मुकाबले इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशंस में कमी आई है। वैल्यूएशन प्रीमियम लंबी अवधि के 78 फीसदी के औसत से घटकर करीब 47 फीसदी पर आ गया है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे लार्जकैप स्टॉक्स के लिए रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल बेहतर हुआ है।

स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स में क्या निवेश का मौका है?

रिपोर्ट के मुताबिक, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स अपने ऑल-टाइम हाई से काफी गिरे हैं। इससे वैल्यूएशंस में कमी आई है। इसके बावजूद उनमें कसॉलिडेशन का फेज दिख सकता है। ऐसे में इनवेस्टर्स को निवेश में जल्दबाजी की जगह चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी के मौकों पर नजर रखने की जरूरत है। आने वाली तिमाहियों में अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ होने पर चुनिंदा शेयरों में निवेश बढ़ाने के मौके दिख सकते हैं।

सोने की कीमतो में क्या तेजी जारी रह सकती है?

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड पोर्टफोलियो के लिए स्ट्रेटेजिक एसेट बना रहेगा। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी, डॉलर के विकल्प तलाशने पर फोकस और दुनिया पर बढ़ते कर्ज की वजह से सोने की चमक बढ़ती रहेगी। बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स और डॉलर में मजबूती के बीच सोने की कीमतों में तेजी दिखी है। सिल्वर की सप्लाई बीते कई सालों से डिमांड के मुकाबले कम है। उधर, एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और टेक्नोलॉजी में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है। हालांकि, ज्यादा उतार-चढ़ाव के बाद सिल्वर में कंसॉलिडेशन दिख सकता है।

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