Male Ageing Vs Female Ageing: 30 की उम्र में ही दिखने लगते हैं अंकल, औरतों के बजाय पुरुषों में क्यों आता है जल्दी बुढ़ापा?

Why Men Age Faster Than Women: आमतौर पर महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा लंबी उम्र तक जीती हैं. लेकिन सवाल यह है कि उम्र बढ़ने की रफ्तार किसमें तेज होती है? कौन बेहतर तरीके से उम्र के साथ ढलता है? उम्र, सेहत और शरीर के काम करने के तरीके पर कई फैक्टर असर डालते हैं. एक सच्चाई यह भी है कि दुनिया के लगभग हर हिस्से में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा जीती हैं. इसके पीछे वैज्ञानिकों ने कई वजहें बताई हैं.

एक थ्योरी यह है कि पुरुष ज्यादा जोखिम वाले काम करते हैं और खतरनाक पेशों में उनकी भागीदारी ज्यादा होती है, जैसे सेना या भारी उद्योग. आंकड़ों के हिसाब से यह अंतर की एक वजह हो सकती है, लेकिन पूरी कहानी सिर्फ इतनी नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर रिसर्च क्या कहते हैं.

पुरुषों की उम्र जल्दी क्यों बढ़ती है?

Verywellhealth की रिपोर्ट के अनुसार,उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव आते हैं, जो यह तय करते हैं कि हम कैसे बूढ़े होते हैं, कितना मजबूत महसूस करते हैं और शरीर कैसे काम करता है. अक्सर हार्मोन को पुरुष या महिला से जोड़ दिया जाता है, जबकि सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति में सभी तरह के हार्मोन मौजूद होते हैं, फर्क सिर्फ उनकी मात्रा का होता है. उम्र के साथ ये हार्मोन धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और इसका सीधा असर शरीर और दिमाग पर पड़ता है.

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन मांसपेशियों, हड्डियों और शारीरिक ताकत को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. जैसे-जैसे इसकी मात्रा घटती है, शरीर कमजोर महसूस करने लगता है. पेट के आसपास चर्बी बढ़ सकती है, संतुलन बिगड़ सकता है और गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक यह कमी स्लीप एपनिया, डिप्रेशन, मोटापा, डायबिटीज और किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याओं से भी जुड़ी पाई गई है. रिसर्च बताते हैं कि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन जितना तेजी से गिरता है, उम्र उतनी ही कम हो सकती है.

महिलाओं में क्या होता है बदलाव?

महिलाओं में यही हार्मोन एस्ट्रोजन के निर्माण में मदद करता है, जो उनके शरीर के कई जरूरी काम संभालता है. जब यह हार्मोन घटता है, तो वजन बढ़ना, हड्डियों का कमजोर होना, भावनात्मक बदलाव और शारीरिक क्षमता में कमी देखी जा सकती है. एस्ट्रोजन सूजन कम करने, मांसपेशियों की मरम्मत, नसों के स्वास्थ्य और हड्डियों की मजबूती में भी भूमिका निभाता है. पुरुषों में इसका स्तर धीरे-धीरे घटता है, जबकि महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान यह अचानक बहुत तेजी से कम हो जाता है.

हार्मोन का असर फिजिकल रिलेशन पर भी पड़ता है. पुरुषों में यह बदलाव धीरे-धीरे आता है, जबकि महिलाओं में मेनोपॉज के बाद इसमें बड़ा बदलाव देखा जाता है. उम्र बढ़ने के साथ दोनों में फिजिकल रिलेशन कम हो सकता है, लेकिन ज्यादातर लोगों में 50 की उम्र तक यह सामान्य बना रहता है.

ब्रेन पर भी होता है असर

दिमाग की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया भी पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग होती है. रिसर्च के मुताबिक औसतन पुरुषों का दिमाग व्यावहारिक रूप से महिलाओं की तुलना में थोड़ा ज्यादा उम्र का हो सकता है. हालांकि, दिमाग के बूढ़े होने की रफ्तार हर व्यक्ति में अलग होती है और यह वजन, डायबिटीज, स्ट्रोक, सामाजिक जुड़ाव और लाइफस्टाइल जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है.

ये भी होते हैं कारण

इन सबके अलावा जेनेटिक्स, खान-पान, नींद, फिजिकल एक्टिविटी और पर्यावरण भी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जेनेटिक्स को बदला नहीं जा सकता, लेकिन बाकी चीजों पर ध्यान देकर उम्र के असर को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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