
Nifty Outlook: भारतीय शेयर बाजारों ने मंगलवार की तेजी को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को मजबूती के साथ कारोबार खत्म किया। बाजार तीन हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ और निफ्टी 25,750 के ऊपर मजबूती से टिका रहा। कारोबार की शुरुआत आईटी शेयरों में बिकवाली के दबाव के साथ कमजोर रही। शुरुआती सत्र में निफ्टी फिसलकर 25,563 के इंट्राडे लो तक चला गया।
हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से बाजार ने तेज रिकवरी दिखाई और नुकसान की भरपाई करता चला गया। दोपहर के बाद बाजार पॉजिटिव रुझान के साथ रेंज-बाउंड बना रहा। आखिरकार निफ्टी 48 अंकों की बढ़त के साथ 25,776 पर बंद हुआ।
आईटी सेक्टर में जबरदस्त बिकवाली
निफ्टी में Trent Ltd, Eternal और ONGC सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। वहीं दूसरी ओर, आईटी सेक्टर के दिग्गज Infosys, TCS और HCLTech टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
आईटी शेयरों में Anthropic AI टूल से जुड़ी चिंताओं के चलते तेज गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 5% टूट गया। शुरुआती कारोबार में Infosys, TCS, Wipro, Tech Mahindra, Persistent Systems, Coforge और HCLTech के शेयर 7% से ज्यादा गिर गए। Infosys की गिरावट करीब 8% तक पहुंच गई।
TCS का मार्केट कैप ₹11 लाख करोड़ के नीचे आ गया। निफ्टी 50 में शामिल सिर्फ पांच आईटी शेयरों ने मिलकर पहले हाफ में ही करीब ₹2 लाख करोड़ का मार्केट कैप मिटा दिया।
HAL के शेयर को बड़ा झटका
Hindustan Aeronautics Ltd (HAL) के शेयर 6% टूट गए। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी स्टील्थ फाइटर जेट विकसित करने की रेस से बाहर हो गई है। HAL में इतनी बड़ी गिरावट आखिरी बार 3 फरवरी 2025 को देखी गई थी। तब से अब तक कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹18,000 करोड़ घट चुका है।
कैसा सेक्टरों का हाल
सेक्टर के लिहाज से देखें तो आईटी और हेल्थकेयर को छोड़कर सभी सेक्टर्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस और मेटल्स सेक्टर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में रहे।
ब्रॉडर मार्केट्स ने एक बार फिर बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.63% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.27% की तेजी दर्ज की गई।
आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
वैश्विक मोर्चे पर निवेशकों की नजर गुरुवार को होने वाले BOE और ECB के ब्याज दर फैसलों पर टिकी रहेगी। घरेलू स्तर पर, अब तक आए दिसंबर तिमाही के नतीजे मोटे तौर पर उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं। इससे बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।
Motilal Oswal का सिद्धार्थ खेमका मानना है कि भारतीय शेयर बाजारों में आगे भी मजबूती के साथ पॉजिटिव बना रह सकता है। उनके मुताबिक, हालिया अमेरिका और यूरोप के साथ ट्रेड डील्स, केंद्रीय बजट के ऐलान और Q3 अर्निंग सीजन बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं। हालांकि, इस माहौल में तेजी पूरी तरह व्यापक न होकर सेक्टर या स्टॉक-विशेष में ज्यादा देखने को मिल सकती है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
टेक्निकल फ्रंट पर HDFC Securities का नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी के लिए करीबी अवधि में 26,000 और 26,350 अहम रेजिस्टेंस लेवल हैं। वहीं, नीचे की ओर 25,600 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।
SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 25,950 से 26,000 का जोन सबसे अहम रेजिस्टेंस है। अगर इस दायरे के ऊपर पुख्ता ब्रेकआउट मिलता है, तो इंडेक्स पहले 26,200 और उसके बाद 26,400 की ओर बढ़ सकता है। वहीं, गिरावट की स्थिति में 25,600 से 25,550 का जोन मजबूत सपोर्ट बना रह सकता है।
निफ्टी का ट्रेंड मजबूत
HDFC Securities के नंदीश शाह ने बताया कि निफ्टी अपने 50-डे DEMA के ऊपर बंद होने में सफल रहा है, जो फिलहाल 25,647 के आसपास है। इससे संकेत मिलता है कि इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है और ट्रेंड अब भी बुलिश है।
उनके मुताबिक, 25,500 से 25,650 का दायरा मजबूत सपोर्ट है। वहीं, ऊपर की ओर 25,863 और 26,373 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।
बैंक निफ्टी में कंसोलिडेशन
बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो निफ्टी बैंक इंडेक्स ने अपनी फॉलिंग ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट पर सपोर्ट लिया है। हालिया तेजी के बाद इंडेक्स में कंसोलिडेशन के संकेत दिख रहे हैं। आने वाले सत्रों में अगर बैंक निफ्टी 60,000 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है, तो यह सेक्टर की अंदरूनी मजबूती को दिखाएगा।
LKP Securities के वत्सल भुवा का कहना है कि कुल मिलाकर बाजार का चार्ट स्ट्रक्चर अभी भी बुलिश बना हुआ है। जब तक निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म 20-डे और 50-डे मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहता है, तब तक डिप्स पर खरीदारी (Buy on Dips) की रणनीति अपनाना बेहतर हो सकता है।
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