
ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने 4 फरवरी को इनवेस्टर्स को एक खास सलाह दी। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के निवेशकों को शॉर्ट टर्म के उतारचढ़ाव पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ‘भारत का युग’ है और इनवेस्टर्स को बड़ा वेल्थ बनाने के लिए लगातार कैपिटल मार्केट्स में पार्टिसिपेट करने पर फोकस करना चाहिए।
बाजार के उतारचढ़ाव पर ध्यान देने से मौकों से ध्यान भटक जाता है
फिंक ने मुंबई में 4 फरवरी को जियो ब्लैकरॉक के एक कार्यक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव, खबरों और कैपिटल फ्लो पर बहुत ज्यादा ध्यान देने से निवेशकों का ध्यान सही मौकों से भटक जाता है। उन्हें इकोनॉमी की लंबी अवधि की ग्रोथ के साथ-साथ निवेश जारी रखना चाहिए।
कैपिटल मार्केट्स में लंबी अवधि के निवेश से निवेशकों को होता है फायदा
फिंक ने कहा, “बतौर इनवेस्टर हमारा काम हर खबर और हर जानकारी पर रिएक्ट करना नहीं है।” उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि लंबी अवधि के लिए निवेश करने से बैंक डिपॉजिट में पैसे रखने के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिलता है। उन्होंने कहा कि जो देश कैपिटल मार्केट्स में अपने लोगों का पार्टिसिपेशन बढ़ाने में सफल रहे हैं, उन्हें अच्छे नतीजे मिले हैं। इससे परिवारों के पास इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ-साथ निवेश जारी रखने का मौका होता है।
निवेशकों को भारत की ग्रोथ का फायदा उठाने पर फोकस करना चाहिए
निवेशकों को कैपिटल मार्केट्स में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि लंबी अवधि तक निवेश करने पर कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। उन्होंने कहा, “अगर आपको भारत के युग में भरोसा है तो आपको लंबी अवधि के निवेश के बारे में सोचना चाहिए देश की ग्रोथ के साथ बढ़ना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इंडिया की ग्रोथ स्टोरी निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका है।
मार्केट की हर साइकिल में निवेश बनाए रखने वाले इनवेस्टर्स फायदे में
उन्होंने कहा कि चैलेंजेज शॉर्ट टर्म में बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने में नहीं है बल्कि लंबी अवधि के निवेश में भरोसा बनाए रखने में है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबी अवधि के निवेश ने उन निवेशकों को शानदार नतीजे दिए हैं, जो मार्केट की साइकिल्स में अपना निवेश बनाए रखते हैं।
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