Hindustan Aeronautics fall : भारत के नेक्स्ट जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट से बाहर हुई HAL, 8% गिरे इसके शेयर – hal shares fall company out from indias stealth fighter jet project hal shares drop by 8 percent

HAL share fall : हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में बिकवाली का तगड़ा दबाव देखने को मिल रहा है। आज यह शेयर 8 फीसदी टूटकर एक्सिडेंट ऑप द डे बना है। नेक्स्ट जनरेशन फाइटर जेट्स बनाने के लिए कंपनी को नहीं चुना गया है। इसके लिए L&T और भारत फोर्ज समेत 3 अन्य प्राइवेट कंपनियों का सेलेक्शन हुआ है। इसके चलते HAL में आज भारी बिकवाली देखने को मिली है। फिलहाल 12.15 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 239.40 रुपए यानी 5.36 फीसदी की कमजोरी के साथ 4237 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज का इसका इंट्राडे लो 4,097.60 रुपए का है।

HAL नेक्स्ट-जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट बनाने की रेस से हुई बाहर

एक रिपोर्ट में कहा गया कि सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारत के नेक्स्ट-जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट को बनाने की रेस से बाहर हो गई है। द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के तहत नेक्स्ट-जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट को डेवलप और बनाने के लिए तीन प्राइवेट सेक्टर कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। फाइनल सिलेक्शन अगले तीन महीनों में होने की उम्मीद है।

इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सात भारतीय कंपनियों द्वारा जमा की गई टेक्निकल बिड्स के मूल्यांकन के बाद,टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड,लार्सन एंड टुब्रो और भारत फोर्ज को इस प्रोजेक्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है,जबकि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड सहित बाकी बोली लगाने वालों को इस प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।

महीने की शुरुआत से ही स्टॉक पर दबाव

पिछले ट्रेडिंग सेशन में HAL के शेयर 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़े थे, लेकिन इस रिपोर्ट के आने के बाद बुधवार को इस शेयर ने ये सारी बढ़त गंवा दी। इस महीने की शुरुआत से ही स्टॉक पर दबाव बना है। ब्रोकरेज ने यूनियन बजट में कैपिटल खर्च के लिए आवंटन बढ़ने के बावजूद डिफेंस सेक्टर के लिए बड़ी नीतिगत घोषणाओं की कमी को लेकर चिंता जताई है। इसके चलते भी स्टॉक में कमजोरी आई है।

बजट से मिली निराशा ने खराब किया डिफेंस शेयरों का मूड

1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद डिफेंस शेयरों में भारी बिकवाली देखी देखने को मिली है। इनमें से कई फ्रंटलाइन और मिड-कैप शेयरों में एक ही सेशन में 5-10 फीसदी की गिरावट आई है। नोमुरा ने कहा है कि बजट में इस सेक्टर के लिए “बड़े धमाके वाले” उपायों की कमी है। हालांकि उसने डिफेंस कैपिटल खर्च में बढ़ोतरी को एक पॉजिटिव कदम बताया है।

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