Kasturi Metal Composite IPO Listing: अमेरिका और भारत की डील भी नहीं भर पाई चाबी, रौनक वाले मार्केट में ₹64 का शेयर फ्लैट लिस्ट – kasturi metal composite ipo listing shares debut flat kasturi metal composite share price jumps further

Kasturi Metal Composite IPO Listing: स्टील फाइबर प्रोडक्ट्स बनाने वाली कस्तूरी मेटल कंपोजिट के शेयर आज मार्केट की चौतरफा रौनक में भी फ्लैट लिस्ट हुए। अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के चलते सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) 3% से अधिक उछल पड़े लेकिन कस्तूरी मेटल कंपोजिट के ₹64 के शेयर BSE SME पर ₹64 के ही भाव पर लिस्ट हुए। इसका मतलब हुआ कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। हालांकि आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 17 गुना से अधिक बोली मिली थी। फ्लैट एंट्री के बाद आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए।

टूटकर यह ₹60.80 तक आ गया। हालांकि निचले स्तर से रिकवर होकर यह ₹64.50 पर पहुंचा लेकिन फिर मुनाफावसूली में फिसल गया और ₹64 (Kasturi Metal Composite Share Price) पर आकर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक न तो फायदे और न मुनाफे में हैं।

Kasturi Metal Composite IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

कस्तूरी मेटल कंपोजिट का ₹18 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 17.75 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 4.00 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 38.88 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 16.49 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 27.52 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹13.29 करोड़ अमरावती में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Kasturi Metal Composite के बारे में

वर्ष 2005 में बनी कस्तूरी मेटल कंपोजिट इंडस्ट्रीज की जरूरतों के मुताबिक स्टील फाइबर प्रोडक्ट्स बनाती है और इसे देश-विदेश में सप्लाई करती है। यह ब्रेक पैड्स और क्लच के लिए स्टील वूल फाइबर बनाती है तो साथ ही यह ड्यूरोफ्लोर कंक्रीट सॉल्यूशन एलएलपी के जरिए कंक्रीट फ्लोरिंग सॉल्यूशंस ऑफर करती है। अमरावती में इसकी तीन यूनिट्स में से एक यूनिट में फाइन वायर ड्राइंग तो दूसरे-तीसरे यूनिट में स्टील फाइबर और माइल्ड वायर प्रोडक्शन का काम होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.35 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन फिर अगले ही वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर ₹2.07 करोड़ पर आ गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना 23% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹57.22 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹2.47 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹32.29 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹14.28 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.55 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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