Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात पर क्या हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए

शब-ए-बारात पर मुसलमान पूरी रात जागकर पवित्र कुरान पढ़ते हैं, दुआ करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. इसलिए भी शब-ए-बारात को मगफिरत की रात कहा जाता है.

शब-ए-बारात पर मुसलमान पूरी रात जागकर पवित्र कुरान पढ़ते हैं, दुआ करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. इसलिए भी शब-ए-बारात को मगफिरत की रात कहा जाता है.

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