
कैश मार्केट से छेड़छाड़ नहीं
नेटवर्क18 ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को बजट के बाद दिए पहले एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा, ‘भारत में कुछ लोग कहते हैं कि बाजार ओवरप्राइस्ड हैं, लेकिन मैं उस बहस में नहीं जाना चाहती। हमने सिर्फ फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट को छुआ है, कैश मार्केट को बिल्कुल नहीं।’
सट्टेबाजी पर डिटरेंट लाने की कोशिश
वित्त मंत्री ने कहा कि जहां सट्टेबाजी ज्यादा दिखती है, वहां एक डिटरेंट (डर या लागत बढ़ाकर आदत बदलने का उपाय) लाने की जरूरत थी। इसी सोच के तहत F&O सेगमेंट में STT बढ़ाया गया है, ताकि जरूरत से ज्यादा जोखिम भरी ट्रेडिंग को हतोत्साहित किया जा सके।
बजट में STT में क्या बदलाव हुए
1 फरवरी को पेश बजट में सरकार ने F&O सेगमेंट में STT बढ़ाने का ऐलान किया था। इसके तहत फ्यूचर्स पर STT 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया है। वहीं ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत और ऑप्शंस के एक्सरसाइज पर STT 0.125 प्रतिशत कर दिया गया है।
निवेशकों के नुकसान पर सरकार की चिंता
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त मंत्रालय को कई अभिभावकों से संदेश और अनुरोध मिले थे। इनमें पूछा गया था कि क्या सरकार सिर्फ इंतजार करती रहेगी, जबकि लोग लगातार पैसा गंवा रहे हैं। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया।
SEBI रिपोर्ट ने दिखाई सच्चाई
SEBI की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि करीब 90 प्रतिशत F&O ट्रेडर्स को बाजार की सही समझ न होने के कारण नुकसान हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, नुकसान उठाने वालों में से 75 प्रतिशत से ज्यादा लोग दो साल तक लगातार घाटा झेलने के बावजूद ट्रेडिंग करते रहे।
बड़े बाजार पर असर नहीं पड़ेगा
वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह फैसला पूरे शेयर बाजार को प्रभावित नहीं करता। उन्होंने कहा कि बाजार नियामक भी अपनी भूमिका निभाएगा और संस्थागत स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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