इस तानाशाह सरकार को झुकना ही पड़ेगा, मनरेगा को फिर से लागू करना पड़ेगा: खरगे

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा को लेकर एक बार फिर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, मनरेगा ग़रीबों की जीवनरेखा है। ये कोई प्रशासनिक योजना नहीं बल्कि संविधान के अंतर्गत, करोड़ों मज़दूरों के “काम का अधिकार” थी। ठीक 20 साल पहले कांग्रेस पार्टी की UPA सरकार ने योजना आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से चालू की थी।

पढ़ें :- Budget 2026 : मल्लिकार्जुन खड़गे, बोले- मोदी सरकार के पास अब न आइडिया, न पॉलिसी विजन और न ही बची है कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति

उन्होंने आगे कहा, मनरेगा पर भारत सरकार ने अब तक क़रीब ₹10.63 लाख करोड़ ख़र्चा किये, जो मनरेगा मज़दूरों को दो जून की रोटी, उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन रोकने और उनको शोषण से मुक्त करने में काम आई। मनरेगा के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 4,879 करोड़ व्यक्ति-दिवस का रोजगार सृजित हुआ है।

इसके परिणाम स्वरूप लगभग 10.10 करोड़ ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण हुआ है। पंचायतों का क़रीब 40% ख़र्च मनरेगा पर होता है, जिससे महात्मा गांधी का देखा “ग्राम स्वराज” का सपना साकार हुआ। आज अहंकारी और ग़रीब विरोधी मोदी सरकार ने करोड़ों ग़रीब मज़दूरों की जीवनरेखा को छीनने का काम किया है।

उन्होंने आगे लिखा, देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कांग्रेस पार्टी हमारे मज़दूरों, श्रमिकों और कामगारों की आवाज़ बुलंद करती रहेगी और इस तानाशाह सरकार को झुकना ही पड़ेगा! मनरेगा को फिर से लागू करना ही पड़ेगा।

पढ़ें :- LPG Rate Hike : आम आदमी को बजट पेश होने से पहले लगा महंगाई का झटका, गैस सिलेंडर के दाम बढ़े

Read More at hindi.pardaphash.com