F&O Segment vs Indian GDP: देश की जीडीपी से 500 गुना बड़ा है एफएंडओ मार्केट, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का खुलासा – budget 2026 sensex nifty big fall after stt hike on fo know how much big future options compared to gdp

F&O Segment 500 times bigger than Indian GDP: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने रिकॉर्ड लगातार नवें बजट में ऐसा ऐलान किया कि स्टॉक मार्केट में हाहाकार मच गया। उन्होंने F&O पर एसटीटी को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है जिसके चलते मार्केट धड़ाम हो गया। धड़ाधड़ बिकवाली के चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेजेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) तो 2-2% से अधिक टूट गए। वित्त मंत्री का यह ऐलान मार्केट को पसंद तो नहीं आया लेकिन दिग्गज निवेशक इसी ऐलान के चलते बजट को पसंद कर रहे हैं। वहीं इनकम टैक्स इंडिया ने भी कुछ आंकड़े पेश किए हैं जिसमें सामने आया है कि एफएंडओ सेगमेंट कितना बड़ा है। इसका ट्रांजैक्शंस वॉल्यूम भारतीय जीडीपी से 500 गुना से भी अधिक है।

F&O Segment vs Indian GDP: क्या है इनकम टैक्स के आंकड़ों में

इनकम टैक्स इंडिया ने X (पूर्व नाम Twitter) पर कहा कि एसटीटी सिर्फ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस पर बढ़ाया गया है। इनकम टैक्स इंडिया के ट्वीट के मुताबिक एफएंडओ सेगमेंट के कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूमं भारतीय जीडीपी से 500 गुना से भी अधिक है। इस ट्वीट के मुताबिक रुपये के टर्म में भारतीय जीडीपी ₹300 लाख करोड़ की है और एफएंडओ का वॉल्यूम ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का है। ऐसे में इनकम टैक्स इंडिया का कहना है कि एफएंडओ में यानी पूरी तरह से स्पेक्यूलेटिव एक्टिविटीज पर लगाम कसने के लिए यह बढ़ोतरी उचित है। एफएंडओ के अलावा बाकी सभी एक्टिविटीज पर एसटीटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

शंकर शर्मा को क्यों पसंद आया यह प्रस्ताव?

दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा को मुख्य रूप से आज का बजट इसीलिए पसंद ही आया क्योंकि वित्त मंत्री ने एफएंडओ पर एसटीटी बढ़ा दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि शंकर शर्मा के मुताबिक डेरिवेटिव्स कोकीन और जहर का मिक्सचर है जो युवाओं को खत्म कर रहा है। उन्होंने कहा कि F&O का खतरनाक असर कई पीढ़ियों तक महसूस होगी। उनका मानना है कि य़ह पूरी तरह से ट्रेडर्स से पैसों को एफएंडओ स्पेशलिस्ट ब्रोकर्स के पास पैसा भेजने का जरिया है जो असली में इसके विनिंग खिलाड़ी हैं। उन्होंने X (पूर्व नाम Twitter) पर लिखा है कि एफएंडओ से भारत की कोई पूंजी नहीं बढ़ती बल्कि जो गिरावट होती है, उसे कैलकुलेट भी नहीं किया जा सकता है। उनका मानना है कि इसे रोका तो नहीं जा सकता है लेकिन इससे बाहर निकालने के लिए टैक्स वाला रास्ता अपनाया जा सकता है। इन्हीं वजहों से शंकर शर्मा ने एसटीटी बढ़ाने जाने को लेकर वित्त मंत्री की काफी प्रशंसा की है।

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