
Budget Impact on Market : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लोकसभा में यूनियन बजट 2026 पेश करने के बाद 1 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। एनालिस्ट्स ने इस बात पर अपनी राय रखी है कि किन वजहों से बाजारों में गिरावट आई, जबकि ट्रेडिंग सेशन के दौरान किन वजहों से कुछ पॉकेट्स में खरीदारी हुई। आज सेंसेक्स करीब 1,547 अंक (लगभग 1.9 प्रतिशत) गिरकर 80,722.94 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 भी 495 से ज़्यादा अंक (लगभग 2 प्रतिशत) गिरकर 24,825.45 पर बंद हुआ है।
बजट में बाज़ार के लिए क्या है अच्छा ?
तेज़ बिकवाली के बावजूद, बाज़ारों में बीच-बीच में कुछ रिकवरी देखने को मिली। ऐसा बजट में की गई कई पॉजिटिव घोषणाओं की वजह से हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 फरवरी को सभी शेयरहोल्डर्स के लिए बायबैक पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रमोटर्स को अतिरिक्त बायबैक टैक्स देना होगा।
सर्राफ एंड पार्टनर्स के पार्टनर अमित गुप्ता ने कहा कि बायबैक टैक्सेशन को फिर से बदलकर कैपिटल गेन पर आधारित कर दिया गया है। “पिछले बजट में बायबैक टैक्सेशन सिस्टम में बदलाव किया गया था, जिसमें प्रमोटर के प्रॉफिट वसूलने और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए बाय-बैक से मिली पूरी रकम पर डिविडेंड के तौर पर टैक्स लगाया जाना था। कैपिटल गेन नियमों यह बदलाव एक अच्छा कदम है और इससे बाय-बैक रूट टैक्सेशन को लेकर टैक्सपेयर्स की चिंताएं कम होंगी”।
इस बदलाव के चलते IT कंपनियों के शेयरों में तेज़ी आई। ज़्यादातर आईटी कंपनियों ने बड़े बायबैक की घोषणा की थी। विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर करीब 2 प्रतिशत बढ़े। LTIMindtree, Persistent Systems और Infosys के शेयर भी सेशन के आखिर में हरे निशान पर बंद हुए।
टूरिज्म स्टॉक्स
वित्त मंत्री द्वारा इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा के बाद ईज़ी ट्रिप और अन्य टूरिज्म स्टॉक्स में उछाल आया। उन्होंने हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम के तहत सारनाथ और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्री ने विदेशी टूर प्रोग्राम पैकेज की बिक्री पर TCS दर को कम करने का भी प्रस्ताव रखा। केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए, सीतारमण ने कहा कि बजट का लक्ष्य इन पैकेजों पर बिना किसी राशि की शर्त के TCS दर को मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करना है।
ज्वेलरी स्टॉक्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी की दरें अपरिवर्तित रखने के बाद कई ज्वैलर्स के शेयरों में उछाल आया। एफएम द्वारा EMS सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा के बाद EMS स्टॉक्स में भी बढ़ोतरी हुई।
इन उपायों के साथ, वित्त मंत्री ने भारत में 5 मेडिकल टूरिज्म हब बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे हॉस्पिटल स्टॉक्स में तेजी आई। इस बीच, भारत के टेक्सटाइल सेक्टर का विस्तार और आधुनिकीकरण करने के लिए कई उपायों की घोषणा के बाद टेक्सटाइल स्टॉक्स में बढ़ोतरी हुई, जिसमें चैलेंज मोड फ्रेमवर्क के माध्यम से मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना भी शामिल है। आज की ट्रेडिंग में फिशरीज और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भी तेजी आई।
बजट में बाज़ारों के लिए क्या रहा खराब?
बजट 2026 पेश करते समय, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान किया। इसे आज मार्केट क्रैश का एक बड़ा कारण माना गया, क्योंकि निवेशकों को इस मोर्चे पर बड़ी राहत की उम्मीद थी। लेमन के को-फ़ाउंडर आशीष सिंघल ने बताया कि अब हर 1 लाख रुपये के फ़्यूचर्स बेचने पर ट्रेडर्स को पहले के 12.50 रुपये की जगह 20 रुपये STT देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि 10,000 रुपये के ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट बेचने पर STT 6.25 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गया है।
एनालिस्ट ने कहा, “क्योंकि मौजूदा STT फ़्रेमवर्क अलग-अलग तरह के यूज़र्स या डेरिवेटिव इस्तेमाल के मकसद के बीच फ़र्क नहीं करता, इसलिए असली हेजिंग एक्टिविटी पर भी सट्टेबाज़ी वाली ट्रेडिंग जितना ही ज़्यादा खर्च आएगा। इससे कुछ निवेशक सही वाली हेजिंग स्ट्रैटेजी अपनाने से पीछे हट सकते हैं। क्योंकि इससे उनका मार्केट रिस्क बढ़ जाएगा और पोर्टफ़ोलियो की सुरक्षा ज़्यादा महंगी हो जाएगी।”
कोटक सिक्योरिटीज के MD और CEO श्रीपाल शाह ने कहा, “पिछले साल की बढ़ोतरी के बाद, फ़्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT में इस बड़ी बढ़ोतरी से ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्रेजर्स के लिए लागत बढ़ने की संभावना है। इससे डेरिवेटिव एक्टिविटी कम हो सकती है और वॉल्यूम में कमी आ सकती है। ऐसा लगता है कि इसका मकसद रेवेन्यू बढ़ाना नहीं, बल्कि वॉल्यूम को कंट्रोल करना है, क्योंकि रेवेन्यू में किसी भी संभावित बढ़ोतरी की भरपाई कम डेरिवेटिव वॉल्यूम से हो सकती है।”
STT में बढ़ोतरी के चलते आज कैपिटल मार्केट के शेयरों में गिरावट आई। MCX के शेयर 12 प्रतिशत गिरे, जबकि एंजेल वन और BSE के शेयर 8 प्रतिशत से ज़्यादा गिरे।
बैंकिंग स्टॉक्स
PSU बैंक स्टॉक्स में आज तेज गिरावट आई। संभावित मर्जर और सरकार की ज़्यादा उधारी की चिंताओं के बीच निफ्टी बैंक इंडेक्स नीचे फिसल गया। एमके ग्लोबल के BFSI रिसर्च के हेड आनंद दामा ने कहा, “सरकार ने बैंकिंग सेक्टर की समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। इस कमेटी को पब्लिक सेक्टर बैंकों के बीच मर्जर देखने का काम सौंपा जा सकता है। ऐतिहासिक रूप से बैंक मर्जर से शॉर्ट-टर्म में परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है।”
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विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए कोई बड़ा उपाय नहीं
आज के बजट में विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए किसा बड़े उपा की कमी रही। इससे मार्केट सेंटीमेंट पर निगेटिव असर पड़ा। सैमको ग्रुप के जिमीत मोदी ने कहा, “ऐसे समय में जब भारत को बाजार की लिक्विडिटी को बढ़ाने और ग्लोबल निवेश को आकर्षित करने की जरूरत है, फ्रिक्शनल ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ाने से उलटा संकेत मिलता है।”
डिफेंस स्टॉक
डिफेंस कंपनियों के शेयर की भी आज पिटाई हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस सेक्टर के लिए कैपेक्स योजनाएं एनालिस्ट और इंडस्ट्री की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं हैं। बजट 2026 पेश करते समय, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने FY27 के रक्षा खर्च को 5.94 लाख करोड़ रुपये तय किया, जो FY26 के 5.68 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।
डिफेंस कैपेक्स में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें डिफेंस आधुनिकीकरण के लिए आवंटन में पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत की ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
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