Defence Stocks: डिफेंस शेयरों में मची भगदड़, बजट के बाद 14% तक टूटे भाव, जानिए क्यों आई गिरावट – defence stocks sink up to 14 percent after budget 2026 falls short on capex push index down 9 percent

Defence Stocks: डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में रविवार 1 फरवरी को बजट के ऐलानों के बाद तगड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी डिफेंस इंडेक्स करीब 9 प्रतिशत टूटकर 7,458.65 के स्तर पर आ गया। वहीं कई शेयरों के भाव 12 से 14 प्रतिशत तक गिर गए। बाजार जानकारों का कहना है कि डिफेंस सेक्टर के लिए किए गए कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) का आवंटन बाजार के अनुमानों से कम रहा, जिसके चलते डिफेंस शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस एक्सपेंडिचर को 5.94 लाख करोड़ रुपये पर तय किया, जो कि मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के 5.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार ने बताया कि डिफेंस सेक्टर के कैपिटल एक्सपेंडिचर में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि डिफेंस आधुनिकीकरण के लिए आवंटन में पिछले साल से 24 प्रतिशत की बढ़ातरी हुई है।

हालांकि, शेयर बाजार को डिफेंस इंडस्ट्रीज के लिए इससे कहीं अधिक और बड़े बजट की उम्मीद थी। खासतौर पर यह देखते हुए भारतीय सेना ने पिछले साल पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बने आंतकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बड़ी कार्रवाई की थी। माना जा रहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’के बाद अब डिफेंस बजट में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

इन डिफेंस शेयरों में मची भारी बिकवाली

बजट के बाद सबसे लार्जकैप शेयरों में सबसे अधिक दबाव भारत डायनामिक्स (BDL) के शेयरों पर दिखा, जो करीब 10 प्रतिशत टूटकर 1,384 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स और डेटा पैटर्न्स इंडिया के शेयरों में लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पारस डिफेंस के शेयर भी करीब 12 प्रतिशत तक टूट गए।

इसके अलावा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, कोचीन शिपयार्ड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में भी करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। वहीं बीईएमएल (BEML) के शेयर लगभग 11 प्रतिशत टूटे। इन सभी शेयरों में गिरावट ने निफ्टी डिफेंस इंडेक्स को गहरे नुकसान में धकेल दिया।

निवेशकों की उम्मीदें क्यों टूटीं

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात, सीमा पर बढ़ते तनाव और आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू डिफेंस उत्पादन पर जोर को देखते हुए बाजार को डिफेंस सेक्टर के लिए कहीं ज्यादा मजबूत कैपेक्स सपोर्ट की उम्मीद थी। हालांकि बजट में बढ़ोतरी जरूर दिखाई गई, लेकिन यह बढ़ोतरी बाजार की उम्मीदों के मुकाबले कमजोर मानी गई।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं

ग्रोक म्यूचुअल फंड के सीईओ वरुण गुप्ता का कहना है कि सिर्फ सुरक्षा जरूरतों तक सीमित न रहकर पूंजी आधारित डिफेंस खर्च का बड़ा आर्थिक मल्टीप्लायर होता है। इससे स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और स्किल्ड रोजगार को मजबूती मिलती है। उनका मानना है कि अगर डिफेंस कैपिटल एक्सपेंडिचर में घरेलू स्रोतों पर लगातार जोर दिया जाता है तो इससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता मजबूत हो सकती है और लंबी अवधि में इंडस्ट्रियल विकास को समर्थन मिलेगा।

वहीं बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर जयकरण चांडक के अनुसार बजट 2026 ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। रिकॉर्ड 12.2 ट्रिलियन रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स और जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति से क्षमता निर्माण को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि रक्षा अनुसंधान, भूमि आधारित प्रणालियों और उपकरणों के लिए लगभग 5.95 लाख करोड़ रुपये का आवंटन प्रिसीजन इंजीनियरिंग और उच्च मूल्य वाले घरेलू उत्पादन के लिए सकारात्मक संकेत देता है।

यह भी पढ़ें- Share Market Crash: बजट के बाद शेयर बाजार इन 5 कारणों से क्रैश, सेंसेक्स 2000 अंक लुढ़का, मचा कोहराम

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

Read More at hindi.moneycontrol.com