Budget Stocks: Q3 नतीजें और बजट 2026 की घोषणाओं से Gokaldas Exports में दिखेगा एक्शन, बनाए रखें नजर – budget stocks gokaldas exports will see action with q3 results and budget 2026 announcements keep an eye on it

Budget Stocks:गोकलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर रविवार, 1 फरवरी को फोकस में रह सकते है। दरअसल, कंपनी ने दिसंबर तिमाही के परफॉर्मेंस में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी है। दिसंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड प्रॉफ़िट साल-दर-साल 72.43% घटकर ₹14.61 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹53 करोड़ था। तिमाही के दौरान रेवेन्यू 0.92% घटकर ₹978.6 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹987.7 करोड़ था। EBITDA साल-दर-साल 25.92% घटकर ₹76.9 करोड़ रह गया, जबकि EBITDA मार्जिन Q3FY25 के 10.51% से घटकर 7.86% रह गया।

US टैरिफ का असर

मैनेजमेंट ने कहा कि उम्मीद के मुताबिक ग्रोथ धीमी रही, टैरिफ के असर के कारण मार्जिन पर दबाव पड़ा। हालांकि, इंडिया ऑपरेशन्स ने साल-दर-साल 8% की ग्रोथ दी, जबकि इंडिया से कपड़ों का एक्सपोर्ट फ्लैट रहा। कंपनी ने अफ्रीका से मजबूत ऑर्डर बुक का हवाला दिया, जिससे ओवरऑल आउटलुक बेहतर हो रहा है।

अर्निंग्स से पहले CNBC-TV18 से बात करते हुए, गोकलदास एक्सपोर्ट्स मैनेजमेंट ने इंडिया-EU FTA के संभावित असर का ज़िक्र किया, यह बताते हुए कि EU को एक्सपोर्ट अभी टोटल रेवेन्यू का लगभग 16-17% है।

FTA पर साइन होना इंडियन टेक्सटाइल और कपड़ों के सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव डेवलपमेंट के तौर पर देखा जा रहा है।

मैनेजमेंट ने कहा कि 2027 में डील के पूरा होने के बाद EU के लिए कैपेक्स प्लान्स को बढ़ाया जाएगा और इस रीजन में एक्सपोर्ट एक साल के अंदर रेवेन्यू का 19-20% तक बढ़ने की उम्मीद है।

मैनेजमेंट ने यह भी दोहराया कि US और EU इंडियन टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स के लिए मुख्य मार्केट बने हुए हैं। हालांकि अभी तक ऑर्डर बुक पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन कंपनी EBITDA मार्जिन पर मुश्किलों का सामना कर रही है। ओवरऑल मार्जिन हाई सिंगल-डिजिट रेंज में रहने की उम्मीद है।

CGST और IGST एक्ट में बदलाव संभव

सीएनबीसी-आवाज की खबर के मुताबिक एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने और पुराने विवादों को खत्म करने के लिए बजट में GST से जुड़े कानून में बदलावों को मंजूरी दी जा सकती है। इसमें इंटरमीडियरी सर्विस और पोस्ट सेल डिस्काउंट से जुड़े पुराने विवाद खत्म करना, पोस्टल या कुरियर एक्सपोर्ट में रिफंड को आसान बनाना और ड्यूटी-स्ट्रक्चर को दुरुस्त करना शामिल है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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