Elon Musk New Project: दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन एलन मस्क अंतरिक्ष और AI की दुनिया में एक इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं, जिसके लिए उनकी योजना अपनी 2 कंपनियों स्पेसएक्स और xAI को मर्ज करने की हैं और अगर यह मर्जर हो जाता है तो एलन मस्क का अगला प्रोजेक्ट अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाना होगा, जो सौर ऊर्जा से चलने वाला एक प्रकार का सैटेलाइट होगा, जिसे स्पेसएक्स कंपनी अंतरिक्ष में धरती के ऑर्बिट में लॉन्च करेगी.
Data centers in space are happening:
A company called Starcloud (backed by NVIDIA) shared a concept video of a 5GW (!) space-based data center boasting a 4km^2 solar array.
A sun-synchronous orbit would allow for persistent solar collection and zero-cost cooling. pic.twitter.com/v2hha0B9j2
—विज्ञापन—— AI Breakfast (@AiBreakfast) January 7, 2026
स्पेस एजेंसियों का होगा बड़ा फायदा
एलन मस्क का मानना है कि भविष्य में अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग की जरूरत पड़ेगी और इसके लिए AI डेटा सेंटर की जरूरत होगी, जिसके जरिए AI कंप्यूटिंग का डेटा स्टोर होगा और इस डेटा से सबसे बड़ा फायदा स्पेस एजेंसियों का होगा और स्पेस मिशन की लागत कम हो जाएगी. टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी क्रांति आएगी, क्योंकि आने वाला समय AI टेक्नोलॉजी का ही है, जो धरती पर इस्तेमाल होने लगी है और वर्तमान की सभी टेक्नोलॉजी को पीछे छोड़ने में सक्षम है.
धरती का परिक्रमा करेगा डेटा सेंटर
बता दें कि AI डेटा सेंटर एक प्रकार का सैटेलाइट होगा, जो उसी तरह धरती की परिक्रमा करेगा, जैसे चांद करता है. इसमें सौर पैलन लगे होंगे, जिनसे सेंटर को अपना काम करने के लिए एनर्जी मिलेगी. टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट कहते हैं कि ग्रोक और चैटजीपीटी को AI कंप्यूटिंग करने के लिए ज्यादा एनर्जी चाहिए, लेकिन धरती पर एनर्जी सोर्स कम होने लगे हैं, इसलिए AI डेटा सेंटर अंतरिक्ष में बनाए जाने चाहिएं, ताकि वे सूरज की रोशनी से एनर्जी लेकर काम कर सकें.
Sundar Pichai has talked about putting Data Center in space by 2027 multiple times.
This is just so coo.
“There’s no doubt to me that in 10 years, we will view it as normal to build data centers in space.”
~ Sundar Pichai
— Rohan Paul (@rohanpaul_ai) December 2, 2025
pic.twitter.com/66RYywSdEB
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में किया जिक्र
एलन मस्क ने हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने के अपने विचार का जिक्र किया था और कहा था कि उनकी कंपनी स्पेसएक्स स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस दुनिया को उपलब्ध कराने के लिए हजारों सैटेलाइट धरती के ऑर्बिट में लॉन्च कर चुकी है और अब वे स्पेसएक्स के जरिए सैटेलाइट रूपी AI सेंटर लॉन्च करना चाहते हैं, क्योंकि अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा से चलने वाले डेटा सेंटर बनाना आसान है और यह सपना अगले 2 या 3 साल में सच हो जाएगा.
स्पेसएक्स लॉन्च करेगी अपना IPO
बता दें कि स्पेसएक्स अपना IPO लॉन्च करने वाली है, जिस वजह से कंपनी की वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाएगी. चर्चा है कि IPO से होने वाली इनकम का इस्तेमाल ही अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना हैं कि अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाना आसान काम नहीं है. क्योंकि वहां पहले से किसी न किसी सैटेलाइट का मलबा बिखरा हुआ है, जो सैटेलाइट से टकराकर सेंटर को नुकसान पहुंचा सकता है. ब्लैक होल और तारों की कॉस्मिक रे सैटैलाइट के हार्डवेयर को डैमेज कर सकी हैं. इसके लिए पहले एक ट्रायल सेंटर स्थापित करना चाहिए, ताकि सफलता-असफलता देखी जा सके.
Solar powered AI data center in space is increasingly looking more and more certain and obvious route for the massive energy needs of AI in the near future .pic.twitter.com/XuYG4j5mQi
— Rohan Paul (@rohanpaul_ai) December 3, 2025
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