बजट 2026 से ज्यादा उम्मीदें नहीं? Axis AMC ने बताया शेयर बाजार के लिए क्या है सबसे ज्यादा जरूरी – budget 2026 27 expectations is muted fiscal path and bond market key for stocks says axis amc cio

Budget 2026 Expectations: एक्सिस एसेट मैनेजमेंट कंपनी के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) आशीष गुप्ता का कहना है इस बार बजट 2026-27 को लेकर बाजार की उम्मीदें सीमित हैं। उन्होंने कहा कि निवेशक किसी बड़े ऐलान से ज्यादा सरकार के राजकोषीय अनुशासन और नीतिगत स्थिरता पर नजर रखेंगे। बता दें कि बजट रविवार 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा।

गुप्ता ने कहा, “अच्छी खबर यह है कि बाजार की उम्मीदें अपेक्षाएं फिलहाल कम हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार बजट के बाहर पहले ही कई अहम कदम उठा चुकी है। जैसे जीएसटी दरों में कटौती, लेबर कोड का लागू होना, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और हाल में हुआ ट्रेड डील। ऐसे में बजट में बड़े नए उपायों के लिए सीमित गुंजाइश दिखती है।

बॉन्ड मार्केट से जुड़ी चिंता

गुप्ता के मुताबिक, पिछले छह महीनों में बॉन्ड मार्केट में बिकवाली के बाद निवेशकों की नजर सरकार के फिस्कल कंसोलिडेशन रोडमैप पर रहेगी। उन्होंने कहा, “मार्केट को कुछ भरोसा चाहिए, खासतौर पर बॉन्ड सप्लाई और यील्ड्स के मोर्चे पर।”

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कम राजकोषीय घाटा शेयर बाजार के लिए मददगार होता है, क्योंकि इससे उधारी लागत कम रहती है और क्रेडिट ग्रोथ को सहारा मिलता है। गुप्ता ने कहा, “हमें कम लागत वाली पूंजी की जरूरत है।”

गुप्ता ने बताया कि सितंबर से बॉन्ड यील्ड्स ऊंची बनी हुई हैं, जबकि इस बीच RBI ने दरों में कटौती भी की है। इसके बावजूद वित्तीय परिस्थितियां सख्त हुई हैं। उनके मुताबिक कमजोर क्रेडिट ग्रोथ, शेयर मार्केट के लिए भी नेगेटिव संकेत होगा।

टैक्स पॉलिसी में स्थिरता पर जोर

टैक्स को लेकर गुप्ता का मानना है कि टैक्स नीति में स्थिरता किसी भी कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव जितनी ही जरूरी है। उनका मानना है कि विदहोल्डिंग टैक्स की समीक्षा करने से भारत में डेट निवेश को दोबारा आकर्षित करने में मदद मिल सकती है, जो बीते एक साल में पूंजी निकासी के कारण कमजोर पड़े हैं।

कॉरपोरेट अर्निंग्स में सुधार, फिर भी FII की वापसी नहीं

गुप्ता ने कहा कि भारत में कॉरपोरेट अर्निंग्स आउटलुक बेहतर हुआ है। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी 20% से अधिक की ग्रोथ देखने को मिल रही है। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की वापसी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और दूसरे ग्लोबल बाजारों में मजबूत ग्रोथ ने पूंजी को भारत से दूर रखा है। अमेरिका में अर्निंग्स रिकवरी अब केवल बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्मॉलकैप्स, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंजम्प्शन तक फैल गई है। यही वजह है कि विदेशी निवेशकों का रुख भारत की ओर नहीं लौट रहा।

सेक्टोरल पसंद: कंजम्प्शन और सीमेंट

सेक्टर को लेकर अपनी पसंद बताते हुए गुप्ता ने कहा कि Axis AMC को कंजम्प्शन थीम पसंद है, जिसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर भी शामिल है। उनके मुताबिक, दोपहिया वाहनों, एंट्री-लेवल कारों और कमर्शियल व्हीकल्स में मांग अब बेहतर होती दिख रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सीमेंट की मांग पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है और इस सेक्टर में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। गुप्ता के शब्दों में, “सीमेंट सेक्टर सभी जरूरी मानकों पर खरा उतर रहा है।”

गुप्ता ने आगे कहा कि भारत के कई आर्थिक इंडिकेटर्स जैसे बिजली की मांग, सीमेंट की खपत और ई-वे बिल्स में हाल के महीनों में सुधार आया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी भी विदेशी निवेशकों की निकासी है। पिछले साल करीब 19 अरब डॉलर भारत से बाहर गए थे और इस महीने अब तक करीब 3 अरब डॉलर की निकासी हो चुकी है।

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