Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 जनवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल – market outlook market closed higher find out how it might perform on january 28th

Stock market : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 27 जनवरी को पॉजिटिव नोट पर बंद हुए। निफ्टी 25,150 के ऊपर बंद हुआ। आज के ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 319.78 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 81,857.48 पर और निफ्टी 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 25,175.40 पर बंद हुआ। लगभग 1901 शेयरों में तेजी आई, 2209 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयर अपरिवर्तित रहे। निफ्टी के सबसे बड़े गेनर अदानी एंटरप्राइजेज, एक्सिस बैंक, JSW स्टील, अदानी पोर्ट्स और ग्रासिम इंडस्ट्रीज रहे। जबकि लूजर में M&M, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व और एटर्नल शामिल रहे। ऑटो, FMCG,मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। मेटल इंडेक्स 3% ऊपर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹451.6 लाख करोड़ से बढ़कर ₹454.6 लाख करोड़ हो गया, जिससे इन्वेस्टर्स की वेल्थ एक ही सेशन में करीब ₹3 लाख करोड़ ज़्यादा बढ़ गई। India-EU FTA से मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि,FII की बिकवाली,जियोपॉलिटिकल जोखिमों से जुड़ी चिंताएं और मिले-जुले Q3 नतीजों ने मार्केट की बढ़त को सीमित कर दिया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाज़ार में आज का ट्रेडिंग सेशन उतार-चढ़ाव भरा रहा। मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बाजार पर मिले-जुले संकेतों और नए टैरिफ की चिंताओं का असर देखने को मिला। लेकिन भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के पूरा होने की उम्मीदों से कुछ राहत भी मिली।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से कॉम्पिटिटिव दबाव के बढ़ने चिंताओं के चलते ऑटो और बेवरेज स्टॉक्स में गिरावट आई। इन्वेस्टर्स की नजर तीसरी तिमाही के नतीजों पर बनी हुई है जो अब तक मिले-जुले रहे हैं। शॉर्ट टर्म बाजार की आगे की दिशा का अनुमान लगाने के लिए निवेशक US FED के आने वाले इंटरेस्ट रेट के फैसले और यूनियन बजट का इंतज़ार कर रहे हैं।

VT मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत के एक्सपोर्ट और इंपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी। इसके साथ ही मीडियम टर्म में इससे इन्वेस्टर का भरोसा भी बढ़ेगा। टैरिफ कम होने और रेगुलेटरी रुकावटों के आसान होने से फार्मास्यूटिकल्स,टेक्सटाइल्स,ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ जैसे सेक्टर्स में भारतीय एक्सपोर्टर्स को दुनिया के सबसे बड़े कंज्यूमर मार्केट में बेहतर पहुंच मिलेगी।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी रिकवरी देखने के बावजूद,इस स्पेस में कमजोरी साफ दिख रही है। 16,780–16,800 का ज़ोन,जो पहले एक मज़बूत सपोर्ट था, अब एक मज़बूत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। RSI का 30 से नीचे जाना लगातार बेयरिश मोमेंटम का संकेत देता है।

आगे निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट 24,950–24,900 के ज़ोन में होगा जो 24,338 (8 अगस्त) और 24,405 (29 अगस्त) के स्विंग लो को जोड़ने वाली ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन से मेल खाता है। इस ज़ोन से नीचे की गिरावट से निफ्टी में कमज़ोरी बढ़ सकती है और यह 24,700 तक जा सकता है, जिसके बाद शॉर्ट टर्म में यह 24,500 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ, 25,250–25,300 ज़ोन के एक मज़बूत रेजिस्टेंस एरिया के रूप में काम करने की उम्मीद है,जो किसी भी पुलबैक की कोशिशों को सीमित करेगा।

बैंक निफ्टी ने अपनी शुरुआती कमजोरी को नज़रअंदाज़ करते हुए तेज़ रिकवरी की और दिन बढ़ने के साथ-साथ लगातार ऊपर बढ़ता गया। इंडेक्स 1.25% बढ़कर 59,205 पर बंद हुआ। खास बात यह है कि इसे अपने 100-डे EMA के पास सपोर्ट मिला, जिससे यह लेवल आने वाले सेशन में किसी भी संभावित गिरावट के लिए कुशन का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए, तत्काल रेजिस्टेंस 59,350–59,400 ज़ोन में दिख रहा है,जो 20-डे EMA ज़ोन के पास स्थित है। इस ज़ोन से ऊपर की तेजी 59,700 की ओर बढ़ सकती। उसके बाद शॉर्ट टर्म में 60,000 से ऊपर के तरफ की पुलबैक रैली का रास्ता भी खुल सकता है। नीचे की तरफ, 58,700–58,600 ज़ोन एक मज़बूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ,जो मजबूत खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स को 58100 ज़ोन के पास सपोर्ट मिला और पिछले सेलिंग सेशन के बाद इसमें तेज़ फॉलो-अप रिबाउंड देखने को मिला। ये निचले लेवल पर आई डिमांड दिखाता है। यूनियन बजट इवेंट के कारण आने वाले सेशन में वोलैटिलिटी ज़्यादा रहने की उम्मीद है। 20-डे मूविंग एवरेज और 59500 ज़ोन अहम होंगे। इन लेवल से ऊपर की क्लोजिंग अगले डायरेक्शनल मूव को तय कर सकती है। बैंक निफ्टी के लिए 58800 पर सपोर्ट है,जबकि रेजिस्टेंस 59500 पर है।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि टेक्निकल नज़रिए से निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो एक कमज़ोर सेटअप का संकेत देता है। 25,200–25,300 का ज़ोन अब तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है। इस एरिया की तरफ कोई भी पुलबैक सेलिंग प्रेशर ला सकता है। नीचे की तरफ, 25,000 एक ज़रूरी साइकोलॉजिकल और टेक्निकल सपोर्ट बना हुआ है। इस लेवल से नीचे निर्णायक ब्रेकडाउन शॉर्ट टर्म में 24,950–24,900 के एरिया की तरफ कमज़ोरी को बढ़ा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर बने हुए हैं, हालांकि ओवरसोल्ड स्थितियों के कारण कुछ समय के लिए, स्टॉक-स्पेसिफिक रिलीफ रैली हो सकती है।

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