ट्रंप ने लगाई तेहरान की लंका! इतिहास के सबसे निचले स्तर पर ईरानी रियाल, 15 लाख के बराबर 1 डॉलर

ईरान की मुद्रा रियाल (IRR) अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. अनौपचारिक बाजार (ब्लैक मार्केट या ओपन मार्केट) में 1 अमेरिकी डॉलर अब लगभग 14.8 लाख से 15 लाख रियाल के बीच ट्रेड हो रहा है. यह ईरान के इतिहास में सबसे खराब रिकॉर्ड है.

2026 में लगातार गिरता जा रहा ईरानी रियाल

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 जनवरी 2026 की सुबह 1 अमेरिकी डॉलर, 1,504,000 ईरानी रियाल तक पहुंच गया, जो कल से 2.45% की बढ़ोतरी है. ईरान इंटरनेशनल और अन्य रिपोर्ट्स में जनवरी की शुरुआत में यह 14.7 लाख से शुरू हुआ था, जो अब 15 लाख तक गिर गया है. कुछ रिपोर्ट्स में 16.5 लाख तक का जिक्र है.

ईरानी रियाल की गिरावट क्यों हो रही है?

  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: अमेरिका, UN और पश्चिमी देशों के सख्त प्रतिबंधों से ईरान का तेल निर्यात बहुत कम हो गया है. इससे डॉलर की कमी हो गई है.
  • बहुत ज्यादा महंगाई: दिसंबर 2025 में 42 प्रतिशत से ज्यादा महंगाई बढ़ गई और खाने-पीने की चीजों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि 2026 में भी 40 प्रतिशत बढ़ोती रहेगी.
  • सरकारी नीतियां: सब्सिडी वाले डॉलर खत्म करने से इंपोर्ट महंगा हुआ, जिससे कीमतें और बढ़ीं.
  • लोगों का भरोसा टूटना: ईरानी लोग अपनी बचत को डॉलर, सोना या प्रॉपर्टी में बदल रहे हैं, जिससे रियाल पर और दबाव पड़ रहा है.

इसके अलावा इजराइल के साथ तनाव, युद्ध का असर और घरेलू आर्थिक नीतियां भी रियाल के गिरने की वजहें बन गई हैं.

रियाल के गिरने से आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा?

ईरानी रियाल कमजोर पड़ने से खाना, दवा और कपड़ों जैसी रोजमर्रा की चीजें बहुत महंगी हो गई हैं।.न्यूनतम वेतन घटकर 100 डॉलर प्रति महीना रह गया है. नतीजन, ईरान में विरोध प्रदर्शन और स्ट्राइक बढ़ती जा रही है. ईरान में गरीबी बढ़ रही है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में 22 से 50 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं.

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