77वें गणतंत्र दिवस की संध्या पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक ‘ऐट होम’ स्वागत समारोह की मेजबानी की जो पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति, कला और व्यंजनों पर केंद्रित था. अतिथियों का स्वागत विशेष रूप से तैयार किए गए एरी रेशम के शॉल से किया गया. एरी रेशम, जिसे आम तौर पर ‘शांति रेशम’ कहा जाता है, जो पूर्वोत्तर भारत की वस्त्र परंपरा और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
प्रेसीडेंट ऑफिशियल हैंडल से किया गया पोस्ट
राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्वागत समारोह में भाग लिया. उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी समारोह में शामिल हुए.
राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, ‘अतिथियों ने पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के जीवंत कलात्मक और सांस्कृतिक तत्वों के साथ-साथ वहां के व्यंजनों का भी भरपूर आनंद लिया.’
राष्ट्रपति सचिवालय ने कार्यक्रम की तस्वीरें भी साझा कीं. एक तस्वीर में राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री मोदी और दोनों मुख्य अतिथि पूर्वोत्तर राज्यों के कलाकारों के एक समूह के साथ नजर आए.
जिनपिंग ने भेजा गणतंत्र दिवस पर बधाई संदेश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बधाई संदेश भेजा है. जिनपिंग ने अपने संदेश में कहा कि एक साल में भारत-चीन के संबंधों में निरंतर सुधार और विकास हुआ है. यह दोनों देशों और उनकी जनता के मूलभूत हितों के अनुरूप है. विश्व शांति और समृद्धि को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. चीन का सदैव यह मानना रहा है कि अच्छे पड़ोसी और घनिष्ठ मित्र बने रहना, पारस्परिक लाभ के आधार पर सहयोग करना तथा एक साथ नृत्य करते हुए ड्रैगन और हाथी जैसी स्थिति प्राप्त करना, चीन और भारत दोनों के लिए सर्वथा उचित विकल्प है.
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