राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे बोलीं, ‘राजनीति में दिल तोड़े भी जाते हैं और…’

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार (26 जनवरी) को कहा कि राजनीति में दिल तोड़े भी जाते हैं और दुखाए भी जाते हैं. राजे ने जैन धर्म में अहिंसा के नियम का जिक्र करते हुए यह बात कही. वह छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं. 

उन्होंने कहा, “जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है. किसी भी जीव, किसी भी प्राणी के जीवन को नुकसान पहुंचाना हिंसा मानी गई है. लेकिन हथियार से हिंसा करना या किसी को मारना-पीटना ही हिंसा नहीं है. किसी का दिल दुखाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है. राजनीति में अक्सर ऐसा होता है.”

किसी का हक छीनना भी अधर्म- वसुंधरा राजे

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा, “राजनीति में दिल तोड़े भी जाते है और दिल दुखाए भी जाते हैं.” उन्होंने कहा कि माता विजया राजे सिंधिया ने सिखाया है कि जीवन में किसी का मन आहत न करें और उन्हीं के रास्ते पर चल रही हैं. एक बयान के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के साथ अन्याय करना और किसी का हक छीनना भी अधर्म है.

समय निकाल कर लोग भगवान का स्मरण करें- वसुंधरा राजे

उन्होंने कहा, “भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव है. यदि लोग समय निकाल कर भगवान का स्मरण कर लें तो जीवन में कठिनाइयां आएंगी ही नहीं.” इस अवसर आचार्य महाश्रमण ने कहा कि नैतिकता, सद्भावना और नशा मुक्ति व्यक्ति के जीवन में होना चाहिए.

राजनीति में महिलाओं की चुनौतियों का राजे ने किया जिक्र

इससे पहले राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे ने शनिवार (24 जनवरी) को कहा था कि महिलाओं को राजनीति में अपनी जगह बनाने के लिए पुरुषों की तुलना में तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है. पूर्व सीएम ने जयपुर के संविधान क्लब में आयोजित जाट महिला शक्ति संगम कार्यक्रम में ये बात कही. उन्होंने कहा कि महिलाओं ने वर्षों में काफी प्रगति की है, लेकिन बराबरी की भागीदारी पाने के लिए अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है

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