हरिद्वार जनपद के पिरान कलियर क्षेत्र के धनोरी गांव में एक जंगली हाथी ने ऐसा तांडव मचाया है कि बीते 96 घंटों से ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं. किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में रौंदी जा चुकी है. हाथी के आतंक की वजह से किसान की फसल बर्बाद हो गई.
बताया गया कि रुड़की के पिरान कलियर क्षेत्र के धनोरी गांव में पिछले चार दिनों से एक विशालकाय जंगली हाथी ग्रामीणों के लिए आफत बना हुआ है. दिन हो या रात जैसे ही हाथी खेतों की ओर बढ़ता है पूरे गांव में हड़कंप मच जाता है. लोग शोर मचाकर टॉर्च और ढोल-नगाड़ों के सहारे उसे भगाने की कोशिश करते हैं लेकिन हाथी एक खेत से निकलकर दूसरे खेत में जा छिपता है. हाथी ने किसानों की खड़ी फसल को रौंद डाला है. कहीं गन्ना तबाह है तो कहीं धान और गेहूं की फसल मिट्टी में मिल चुकी है.
घंटों में बर्बाद हुई किसानों की महीनों की मेहनत
ग्रामीणों का कहना है कि महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई. पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें नींद तक नसीब नहीं हो रही. हाथी ने पूरी फसल खराब कर दी. हर वक्त डर बना रहता है कि कहीं जान-माल का नुकसान न हो जाए. वन विभाग की टीम आई है लेकिन हाथी गांव छोड़ने को तैयार नहीं है.
हाथी को खदड़ने के लिए वन विभाग की टीम जुटी
फिलहाल, हालात पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी हुई है. हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए गोलों की गूंज और हवाई फायरिंग का सहारा लिया गया लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है. भौगोलिक परिस्थितियां और हाथी का अड़ियल स्वभाव चुनौती बना हुआ है.
दहशत के साये में कट रही ग्रामीणों की रात
वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि हमारी टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही है. स्थिति पर पूरी नजर है. थोड़ा समय लग रहा है लेकिन जल्द ही हाथी को आबादी क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित जंगल में भेज दिया जाएगा. फिलहाल धनोरी गांव के लोग हर गुजरती रात डर के साये में काट रहे हैं. अब देखना ये होगा कि वन विभाग कब तक इस विशालकाय संकट पर काबू पाता है और कब धनोरी के ग्रामीणों को इस दहशत से राहत मिलती है.
Read More at www.abplive.com