भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा. अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो असाधारण बहादुरी और साहस के लिए दिया जाता है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सेना के कुल 70 जवानों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने की मंजूरी दे दी है.
रक्षा मंत्रालय की ओर से इस संबंध में रविवार को एक बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया कि गणतंत्र दिवस की शाम में भारतीय सुरक्षा बलों के 70 जवानों को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. इसमें छह जवानों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा, 301 अन्य जवानों को मिलिट्री डिग्रियां भी प्रदान की जाएंगी.
कौन हैं शुभांशु शुक्ला?
शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय हैं. पिछले साल जून में शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय थे. उन्होंने यह यात्रा Axiom-4 मिशन के तहत की थी. शुक्ला की 18 दिवसीय अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा द्वारा 1984 में रूसी सोयूज रॉकेट में उड़ान भरे जाने के 41 साल बाद हुई.
फाइटर जेट पायलट के रूप में की थी करियर की शुरुआत
अंतरिक्ष यात्री शुक्ला ने भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में करियर की शुरुआत की. उन्हें सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 सहित विभिन्न विमानों को कुल करीब दो हजार घंटे तक उड़ाने का अनुभव है.
मरणोपरांत 6 जवानों को मिलेगा सम्मान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित करने की मंजूरी दी, जिनमें से छह को मरणोपरांत ये सम्मान प्राप्त होंगे. इस वर्ष एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, एक मरणोपरांत सहित 13 शौर्य चक्र, एक ‘बार टू सेना मेडल’ (वीरता) और 44 सेना मेडल (वीरता) प्रदान किए जाएंगे. इस वर्ष मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई है.
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