Budget 2026: ज्योतिष के अनुसार बजट सत्र 2026 सकारात्मक रहेगा, क्योंकि अंक ज्योतिष के अनुसार साल 2026 का स्वामी सूर्य और शनि दोनों है. भारत की वर्ष कुंडली से देखा जाए 15 अगस्त 1947 है, समय रात्रि 12:00 ज्योतिषशास्त्र के अनुसार तुला लग्न की कुंडली है और राशि कर्क है. साल 2026 के बजट के लिए कैसा रहेगा आइए विस्तार से जानते हैं.
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य सत्ता और अधिकार के कारक ग्रह माने जाते हैं. वहीं शनि न्यायप्रिय ग्रह के कारक हैं. शनि और सूर्य दोनों अलग अलग तत्व प्रधान ग्रह हैं. सूर्य अग्नि तत्व के ग्रह हैं और शनि वायु तत्व होने के कारण देश के लिए अनुकूल नहीं माने जाते हैं. लेकिन प्रशासनिक क्षेत्र मजबूत होता है. शनि वायु तत्व होने के कारण देश की आम जनता की जरुरत को पूरा करने के लिए साल 2026 में विकाश दर अनुकूल रहेगा और अर्थव्यस्था अच्छी स्थिति में दिखाई देगा. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अद्योगिक क्षेत्र में उतार चढ़ाव बनेगा. सूर्य के कारण मेडिकल से जुड़े व्यक्तियों को अच्छा लाभ मिलेगा. शास्त्र और कानून से जुड़े संसाधन को और मजबूत करने का प्लान बनेगा. सैन्य संबंधित एवं रिवन्यू को लेकर खींचातानी बनेगी, केमिकल महंगे हो सकते हैं.
साल 2026 में बजट के दिन ग्रहों की स्थति
भारत की कुंडली के अनुसार, बजट का अनुमान लगाया जाए तो 01 फरवरी 2026 के दिन ग्रहों की स्थति इस प्रकार रहेगी- सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र मकर राशि में रहेंगे. लेकिन शुक्र अस्त स्थति में रहेंगे. शनि मीन राशि में रहेगे, गुरु वक्री अवस्था में मिथुन राशि में रहेंगे. केतु सिंह राशि में रहेंगे. राहु कुम्भ राशि में गोचर करेंगे और चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे. ग्रहों के प्रभाव के कारण बजट अनुकूल स्थति में रहेगा. मकर राशि में चतुर्ग्रही योग का प्रभाव से कुछ वस्तु के लिए अनुकूल रहेगा, वहीं कुछ वस्तु महंगी हो सकती है.
ज्योतिष के अनुसार बजट 2026 कैसा रहेगा
शनि मीन राशि में हैं, मीन राशि जल तत्व की राशि है. शनि वायु तत्व की ग्रह, जल और वायु का मिलना एक अच्छा संयोग बन रहा है. सरकारी कर्मचारी के लिए अच्छा लाभ मिलेगा. वेतन में वृद्धि के अलावा, ग्रोसरी की वस्तुओं पर ध्यान रहेगा. मेक इन इंडिया पर विशेष ध्यान रखा जाएगा. आयरन, स्टील, इस्पात के भाव में वृद्धि हो सकती है और पेट्रोकेमिकल वस्तु भी महंगे हो सकते हैं.
आम जनता को कितना पसंद आएगा बजट 2026
घर की बजट हो या देश की बजट इसका विवरण एकादश भाव तथा दूसरे भाव से देखा जाता है. तुला लग्न की कुंडली है. आम बजट से कितना लाभ होगा इसका विश्लेषण एकादश तथा दूसरा भाव की ग्रहों की स्थित होता है. दूसरे भाव के स्वामी बुध हैं, एकादश भाव के स्वामी गुरु हैं जो धनेश होकर बैठे हैं. बुध के राशि में गुरु वक्री अवस्था में होकर धन भाव में बैठना अनुकूल नहीं माना जाता है. इससे कोई खास नुकसान नहीं होगा, लेकिन वित्तीय हालत को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा और दैनिक जरूरत की वस्तुओं इस बजट में सामान्य रहेगा. लकड़ी से बनी वस्तुएं महंगे होंगे, ट्रस्टों को लेकर कोई विचार नहीं बनेगी.
शिक्षा को मजबूत करने का प्लान बनेगा. लेकिन टैक्स में वृद्धि होगी. गुरु की दृष्टी छठे भाव, आठवें और दशम भाव पर है. साल 2026 का बजट आम जनता के हित में रहेगा, लग्नेश नवम भाव में है और चतुर्ग्रही योग बनाकर बैठे हैं, लेकिन अस्त अवस्था में है और 02 फरवरी को उदय होंगे. कॉस्मेटिक से जुड़े वस्तुओ तथा लग्जरी वाहन महंगे होंगे. धन भाव के स्वामी बुध नवम भाव में रहेगे. दशमेश लाभेश के भाव में हैं, जिससे बजट संतुलन में व जनता के हित में रहेगा. मेड इन इंडिया पर विशेष ध्यान आकर्षित किया जाएगा, लेकिन होटल इंडस्ट्री महंगे होंगे.
मंगल का प्रभाव बजट के लिए कैसा रहेगा.
मंगल अपने उच्य की राशि मकर में संचरण कर रहे है. मंगल के साथ सूर्य की युति का प्रभाव बजट पर काफी असर प्रदान करेगा,जिससे मेडिकल सेक्टर में काफी सुधार होगा. भवन निर्माण तथा निर्माण से सम्बंधित वस्तुओं महंगी होगी. शनि के भाव में मंगल का गोचर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. मंगल नवम भाव में है, जिससे सैन्य संबंधित व्यापार पर ध्यान रखा जायेगा. ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे और रेलवे की माल धुलाई की दर में वृद्धि होगी। खनिज से संबंधित वस्तु असंतोष स्थति में रहेगा. टेक्निकल क्षेत्र को और मजबूत करने पर ध्यान रहेगा. इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी से सम्बंधित कार्य पर विशेष ध्यान रहेगा. किसान के लिए यह बजट काफी महत्वपूर्ण रहेगा. खेती से संबंधित उपकरण को ध्यान रखा जायेगा जिससे किसान खुशहाल रहेंगे.
शनि,मंगल,सूर्य के प्रभाव का बजट 2026 पर असर
टैक्सटाइल से संबंधित यह बजट थोड़ी महंगी साबित होगी. कपास का भाव में वृद्धि होगा,साथ ही तेलहन से संबंधित वस्तुओ पर बजट का कोई खास असर नहीं पड़ेगा. सोने-चांदी के भाव में वृद्धि होगी. सूर्य का शनि की राशि गोचर करना रजिस्ट्री तथा रिव्यू से संबंधित वस्तुओं पर आम आदमी की जेब ढीली करेगा. शनि मंगल के कारण सीमेंट उद्योग तथा मैन्युफैक्चरिंग के लिए महंगा साबित होगा. लोहा, तेल, रियल स्टेट तथा मशीनरी पर सरकार का बजट बिगड़ सकता है. सर्जरी तथा निर्माण एवं रक्षा के मामले में तेजी आएगी. कम्युनिकेशन से संबंधित वस्तु महंगे होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.
शुक्र, मंगल, बुध का बजट पर असर
रेल, सड़क तथा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह बजट अनुकूल रहेगा. चौथे भाव के स्वामी सूर्य हैं और वर्तमान में नवम भाव में बैठे हैं. रेलवे के माल धुलाई तथा यात्री किराया में वृद्धि होगी. भौतिक सुख साधन के जरुरत की वस्तुओं महंगी होगी. लग्जरी वस्तु महंगे होंगे. शुक्र नवम भाव रहेंगे, शुक्र लग्जरी के कारक ग्रह माना जाता है और शुक्र जल तत्व की ग्रह है. हवाई यात्रा महंगी होगी, यातायात और परिवहन के क्षेत्र महंगे होगे, लेकिन पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा. इंसोरेंस की पॉलिसी में राहत मिलेगा.
दशम भाव में राहु का प्रभाव बजट के लिए कैसा रहेगा .
दशम भाव में राहु का प्रभाव अचानक लाभ देगा और साल 2026 के बजट के लिए अनुकूल रहेगा. शनि के राशि में राहु का होना, अनुकूल होता है. सरकारी कर्मचारी तथा सरकारी लाभ आम जनता तक पहुंचेगी. यह बजट पठारी भाग के राज्यों के लिए अच्छा साबित होगा. मेड इन इंडिया से संबंधित कार्य पर सरकार से लाभ प्राप्त होगा. नए प्रोजेक्ट पर ध्यान आकर्षित की जाएगी. बजट से राहत मिलेगा, शिल्पकला के क्षेत्र में सरकार का समर्थन मिलेगा.
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