नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान ऑपरेशन सवेरा के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अब नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियां सुरक्षित नहीं हैं. मादक पदार्थों की तस्करी कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाने वाले शातिर तस्करों पर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि उनकी करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली गईं.
यह बड़ी कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र अभिषेक सिंह के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में की गई. थाना मीरापुर क्षेत्र के रहने वाले दो सगे भाइयों लोकेन्द्र और योगेन्द्र को पहले ही मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार किया जा चुका था. जांच में सामने आया कि दोनों भाइयों ने नशे के अवैध धंधे से करोड़ों रुपये कमाकर खुद और परिजनों के नाम पर मुजफ्फरनगर व शामली में कई कीमती संपत्तियां खरीद ली थीं. पुलिस ने इन संपत्तियों की गहन जांच शुरू की और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की तैयारी की.
विशेष टीम ने की गहन जांच
नशे के सौदागरों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने संपत्तियों की गहन जांच कर एनडीपीएस एक्ट के तहत सक्षम प्राधिकारी को रिपोर्ट भेजी. ठोस साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के बाद 22 जनवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने चार अवैध संपत्तियों के जब्तीकरण के आदेश जारी कर दिए. यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए एक बड़ा झटका है और इससे साफ संदेश गया है कि अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियां अब सुरक्षित नहीं रहेंगी.
जानें किन संपत्तियों को किया गया जब्त
जब्त की गई संपत्तियों में शामली की कृषि भूमि, बुढ़ाना कस्बे में मकान व आवासीय भूखंड शामिल हैं. इन सभी संपत्तियों की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों ने लंबे समय तक नशे की तस्करी का धंधा चलाया और इससे होने वाली कमाई से अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर ये संपत्तियां खरीदीं. अब इन सभी संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और इन्हें सरकारी खाते में जब्त कर लिया गया है.
नशा कारोबारियों में हड़कंप
इस कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है. पुलिस का साफ संदेश है कि नशे से कमाई गई दौलत पर अब कानून की सीधी चोट पड़ेगी. जो लोग नशे के अवैध कारोबार से अपनी संपत्ति बढ़ा रहे हैं, उन्हें अब यह समझ आ गया है कि पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है.
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है. उनका कहना है कि नशा समाज के लिए एक बड़ी समस्या है और जो लोग इसका कारोबार कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
ऑपरेशन सवेरा का उद्देश्य
ऑपरेशन सवेरा उत्तर प्रदेश पुलिस का एक विशेष अभियान है जिसका मकसद नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाना है. इस अभियान के तहत न सिर्फ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि नशा कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ तोड़े बिना इस समस्या से पूरी तरह निजात पाना मुश्किल है. इसलिए अब सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध संपत्तियों की जब्ती पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है.
एसएसपी का बड़ा बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि समाज को नशे के जहर से मुक्त कराने के लिए पुलिस हर स्तर पर कार्रवाई करती रहेगी. एसएसपी ने यह भी कहा कि जो लोग नशे का कारोबार कर रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अब उनकी अवैध संपत्तियां भी सुरक्षित नहीं हैं. पुलिस हर नशा तस्कर की संपत्तियों की जांच कर रही है और जहां भी अवैध संपत्ति मिलेगी, उसे जब्त किया जाएगा.
जनता ने किया स्वागत
मुजफ्फरनगर की जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई का जोरदार स्वागत किया है. लोगों का कहना है कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है. कई सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस के इस कदम की सराहना की है. उनका मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से नशा कारोबारियों को सबक मिलेगा और वे इस अवैध धंधे से दूर रहेंगे.
पुलिस ने भी जनता से अपील की है कि अगर किसी को नशे के कारोबार की जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे. पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी.
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