चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार (24 जनवरी) को बताया कि चीनी सेना के टॉप जनरल के खिलाफ अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के संदेह में जांच की जा रही है. चीन के शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग के 2 उपाध्यक्षों में से एक वरिष्ठ झांग यूक्सिया के खिलाफ ये जांच चल रही है. वो सैन्य अधिकारियों के लंबे समय से चल रहे शुद्धिकरण अभियान में पकड़े जाने वाले सबसे नए अफसर हैं.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषकों का मानना है कि ये शुद्धिकरण सैन्य व्यवस्था में सुधार लाने और चीनी नेता शी जिनपिंग के प्रति वफादारी सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं, जो सैन्य आयोग के अध्यक्ष भी हैं. ये व्यापक भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान का हिस्सा हैं, जिसके तहत 2012 में शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से 2,00,000 से अधिक अधिकारियों को दंडित किया जा चुका है.
जांच के दायरे में लियू झेनली
रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, आयोग के एक अन्य सदस्य, लियू झेनली को भी चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा जांच के दायरे में लाया गया है. लियू आयोग के संयुक्त स्टाफ विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ हैं. यह आयोग चीन का सर्वोच्च सैन्य निकाय है.
बयान में कथित घोटालों या भ्रष्टाचार को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. 75 वर्षीय झांग 1968 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में शामिल हुए थे और वे थल सेना के जनरल भी हैं. कम्युनिस्ट पार्टी ने पिछले अक्टूबर में आयोग के दूसरे उपाध्यक्ष हे वेइडोंग को निष्कासित कर दिया था और उनकी जगह आयोग के सदस्य झांग शेंगमिन को नियुक्त किया गया था.
क्या है शुद्धिकरण अभियान
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में चलाया जा रहा शुद्धिकरण अभियान (Anti-corruption purge) मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, विश्वासघात और वफादारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है. इसमें रॉकेट फोर्स और उपकरण खरीद इकाइयों के कई टॉप जनरलों को बर्खास्त करने के लिए जांच के दायरे में लाया गया है.
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