थायरॉइड कैंसर को अगर शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो यह सबसे ज्यादा इलाज योग्य कैंसर में से एक माना जाता है. बावजूद इसके इस बीमारी में एक चौंकाने वाला ट्रेंड लगातार देखा जा रहा है. दरअसल, इस बीमारी में देखा जा रहा है कि महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि थायरॉइड कैंसर महिलाओं में खासतौर पर 40 से 50 वर्ष की उम्र में ज्यादा देखने को मिलता है, जबकि पुरुषों में यह बीमारी आमतौर पर 10 से 20 साल बाद सामने आती है.
पुरुषों में कम लेकिन ज्यादा खतरनाक होता है कैंसर
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पुरुषों में थायरॉइड कैंसर देर से पता चलता है, लेकिन जब होता है तो ज्यादा गंभीर अवस्था में सामने आता है. कई मामलों में पुरुषों में इसकी पहचान तब होती है, जब वह बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है.
थायरॉइड कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
थायरॉइड कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं और लोग उन्हें अनदेखा कर देते हैं. इसके सबसे आम संकेत गर्दन के सामने बिना दर्द की गांठ या सूजन है. इसके अलावा आवाज में लगातार बदलाव या भारीपन, निगलने में दिक्कत, गर्दन में दबाव या जकड़न महसूस होना, बिना संक्रमण के लगातार खांसी और गर्दन की लिम्फ नोड्स का बढ़ जाना इसके शुरुआती लक्षण होते हैं.
इलाज के नतीजे भी पॉजिटिव
आमतौर पर कैंसर का नाम सुनते ही लोगों में घबराहट होना स्वाभाविक होता है. लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि थायरॉइड कैंसर के इलाज के नतीजे बहुत अच्छे होते हैं. इसमें इलाज का मुख्य तरीका सर्जरी है, जिसमें बीमारी की कंडीशन के अनुसार थायरॉइड ग्रंथि का कुछ हिस्सा या पूरी ग्रंथी निकाली जाती है. वहीं कुछ मरीजों को सर्जरी के बाद रेडियोएक्टिव, आयोडीन थेरेपी की जरूरत पड़ सकती है, जो बचे हुए कैंसर सेल्स को खत्म करने में मदद करती है. इसके अलावा ज्यादातर मरीजों को जीवन भर थायरॉइड हार्मोन की दवाई लेनी होती है, जिससे शरीर की सामान्य क्रियाएं बनी रहती है और कैंसर दोबारा होने का खतरा कम होता है. वहीं इसमें एडवांस्ड थेरेपी की जरूरत बहुत कम लोगों को पड़ती है.
क्या थायराइड कैंसर से बचाव संभव है?
थायरॉइड कैंसर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है. लेकिन खतरे को कम जरूर किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स अनावश्यक रेडिएशन एक्स्पोजर से बचने की सलाह देते हैं खासकर बचपन में. वहीं संतुलित आहार के जरिए पर्याप्त आयोडीन लेना भी थायरॉइड की सेहत के लिए जरूरी है, जिन लोगों को पहले थायरॉइड नोड्यूल, ऑटोइम्यून थायरॉयड बीमारी है उन्हें नियमित जांच कराते रहना चाहिए.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Calculate The Age Through Age Calculator
Read More at www.abplive.com