नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को प्रेस कॉफ्रेंस करके भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पवन खेड़ा ने कहा कि, यूपी के संभल में वकील आक्रोशित हैं, वहां नारे लग रहे हैं। नौजवान, महिलाएं, छात्र, मजदूर, संत, मिडिल क्लास यानी देश का हर वर्ग BJP से परेशान है। ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे BJP ने ठगा नहीं।
पढ़ें :- UP चुनाव से पहले लगा कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दिया इस्तीफा
उन्होंने आगे कहा, ये दिखाता है कि कैसे BJP न्यायपालिका को कब्जे में रखना चाहती है और हम संभल के वकीलों के साथ खड़े हैं। संभल हिंसा मामले में CJM ने तत्कालीन CO अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश दिए थे, क्योंकि उस हिंसा में 3 मुस्लिम युवकों की मौत हो गई थी। इसी आदेश के बाद जज का तबादला कर दिया गया और अगली तैनाती में उन्हें डिमोट कर दिया गया। फिर संभल में एक नए जज की तैनाती की गई, लेकिन जब वकीलों का दबाव पड़ा तो चुपचाप उन्हें भी हटा दिया गया।
ये पहला मामला नहीं है, इससे पहले दिल्ली दंगों में भी BJP नेताओं के खिलाफ आदेश देने वाले जस्टिस मुरलीधरन का भी आधी रात को तबादला कर दिया गया था। हाल ही में राजस्थान में अडानी के खिलाफ फैसला सुनाने वाले जज दिनेश कुमार गुप्ता का भी ट्रांसफर कर दिया गया था। ये दिखाता है कि कैसे BJP इंसाफ का तराजू लिए जजों का मनमाने ढंग से ट्रांसफर करती है।
पवन खेड़ा ने आगे कहा, मैंने आपको गुजरात का उदाहरण दिखाया है, जहां डीजी वंजारा, माया कोडनानी या बाबू बजरंगी जैसे तमाम लोगों को जज बदलकर राहत दी गई। वहीं, एक दूसरा मॉडल भी है, जिसमें मोटा भाई जज का ट्रांसफर कहीं और ही कर देते हैं। ऐसा मॉडल लोकतंत्र और इंसाफ के लिए बेहद घातक है। ऐसे में जब वकील समुदाय ने लोकतंत्र और इंसाफ को बचाने के लिए मुहिम शुरू की है तो हम उसका स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा, जो संभल, दिल्ली, जयपुर, गुजरात में हुआ.. वह दिखता है कि भगवान के बाद अगर कोई किसी से न्याय की उम्मीद करता है तो वह राजा है। भगवान भी राजा के माध्यम से ही लोगों को न्याय दिलवाते हैं, लेकिन जब राजा न्याय के रास्ते में आ जाए और न्याय ना मिलने दे- तो क्या होगा? अगर राजा इंसाफ दिलाने के समय धर्म, जाति और भाषा देखे तब आप सोचिए कि इस देश में कितने दिनों तक लोकतंत्र बच सकता है। इसलिए कांग्रेस पार्टी वकील समुदाय के साथ है, क्योंकि वह न्याय के लिए सड़कों पर उतरे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि योगी आदित्यनाथ इस ‘गुजरात मॉडल’ को यूपी में लागू नहीं करेंगे, क्योंकि इस मॉडल से आम आदमी को न्याय नहीं मिलेगा।
पढ़ें :- ‘भ्रष्ट DMK सरकार को अलविदा’ PM मोदी के बयान पर भड़के CM स्टालिन, तमिलनाडु के इन मुद्दों पर केंद्र से किए तीखे सवाल
Read More at hindi.pardaphash.com