इंडिगो ने एयरपोर्ट पर 717 स्लॉट किए खाली, विमानन मंत्रालय ने अन्य एयरलाइन्स से मांगे आवेदन

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर 700 से अधिक स्लॉट खाली कर दिए हैं. दिसंबर की शुरुआत में परिचालन में भारी व्यवधान को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन की सर्दियों की उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी, जिसके बाद कंपनी ने यह कदम उठाया. हवाई अड्डे पर किसी विमान के उड़ान भरने और उतरने के लिए दिए गए निश्चित समय को स्लॉट कहा जाता है.

सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि खाली किए गए कुल 717 स्लॉट में से 364 दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों के हैं. इनमें सबसे अधिक स्लॉट हैदराबाद और बेंगलुरु के हैं. आंकड़ों के अनुसार, ये स्लॉट जनवरी से मार्च की अवधि के लिए खाली किए गए हैं.

नागर विमानन मंत्रालय ने मांगे आवेदन

इस घटनाक्रम के बीच, नागर विमानन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को अन्य एयरलाइनों से इंडिगो द्वारा खाली किए गए इन स्लॉट पर घरेलू उड़ानें संचालित करने के लिए आवेदन मांगे हैं. एक सूत्र ने कहा, ‘इंडिगो ने मंत्रालय को 717 स्लॉट की सूची सौंपी है. पिछले साल दिसंबर में शीतकालीन उड़ानों के समय में 10 प्रतिशत की कटौती के बाद इन्हें खाली किया गया है.’

डीजीसीए ने यह निर्देश अंतिम समय में उड़ानों के रद्द होने को रोकने और परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया था. इंडिगो को 2025-26 के शीतकालीन कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन 2,144 उड़ानों के संचालन की अनुमति थी, जो 10 प्रतिशत की कटौती के बाद घटकर 1,930 रह गई है.

पिछले साल 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द की थीं और 1,852 उड़ानें देरी से चली थीं, जिससे देश भर में तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए थे.

परिचालन में भारी व्यवधान को देखते हुए डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी, जिसका सीधा अर्थ है कि एयरलाइन ने विभिन्न स्लॉट में अपनी सेवाओं का संचालन बंद कर दिया है.

एक्सपर्ट ने क्या राय दी है?

एयरलाइन उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य एयरलाइनें इन स्लॉट को लेने में अधिक रुचि नहीं दिखा सकती हैं क्योंकि इतने कम समय में नेटवर्क की योजना बनाना और नए मार्गों पर उड़ानें शुरू करना संभव नहीं है.

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी नए रूट को शुरू कर केवल एक महीने बाद उसे बंद करना व्यावहारिक नहीं है. इसके अलावा, इनमें से अधिकतर रेड-आई उड़ानें (देर रात या तड़के संचालित होने वाली उड़ानें) हैं, जिसके कारण एयरलाइनें इन्हें लेकर उत्साहित नहीं हैं.

नागर विमानन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एयरलाइनों को भेजे गए संदेश में स्पष्ट किया है कि इच्छुक एयरलाइनों को खाली स्लॉट का उपयोग करने के लिए अपने मौजूदा मार्गों को बंद नहीं करना चाहिए.

डीजीसीए ने इंडिगो पर लगाया था 22.20 करोड़ का जुर्माना

इससे पहले 17 जनवरी को डीजीसीए ने परिचालन में खामियों के लिए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एलबर्स को चेतावनी भी दी थी. नियामक ने एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया है.

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