
Urban Company News: अर्बन कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले 23 जनवरी को दिसंबर 2025 तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश किए। इसमें सामने आया कि इसकी क्विक-हेल्प सर्विसेज वर्टिकल इंस्टाहेल्प (InstaHelP) का दिसंबर तिमाही में घाटा बढ़ा। यह स्थिति तो तब है, जब इसका रेवेन्यू रॉकेट की स्पीड से बढ़ा है। रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद घाटा में उछाल की वजह 15 मिनट की ऑन-डिमांड होम सर्विसेज में विस्तार के लिए कंपनी का निवेश बढ़ाना है। इसका असर अब 27 जनवरी को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर भी दिख सकता है। एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह 3.40% की गिरावट के साथ ₹125.20 पर बंद हुआ था।
Urban Company के नतीजों पर InstaHelp का कितना रहा असर?
दिसंबर 2025 तिमाही में इंस्टाहेल्प का एडजस्टेड ईबीआईटीडीए लॉस ₹61 करोड़ रहा जोकि सितंबर 2025 तिमाही में ₹44 करोड़ था और जिस तिमाही यानी जून 2025 तिमाही में यह लॉन्च हुआ था, उसमें यह घाटा ₹10 करोड़ था। हालांकि इसका ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹6.8 करोड़ पर पहुंच गया तो नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू (NTV) उछलकर ₹28 करोड़ पर पहुंच गया। सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा ₹10 करोड़ और जून तिमाही में ₹1 करोड़ था। रेवेन्यू में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब स्नैबिट (Snabbit), प्रोंटो (Pronto) और पिंस (Pync) जैसे स्टार्टअप भी अहम शहरों में क्लीनिंग, रिपेयरिंग और घर के अन्य कामों के लिए 15 मिनट की सर्विसेज के जरिए इंस्टैंट होम सर्विसेज मार्केट में कॉम्पटीशन बढ़ाया है।
इंस्टाहेल्प को अर्बनकंपनी ने जून 2025 तिमाही में लॉन्च किया था। यह तेजी से बढ़ रही है लेकिन सप्लाई ऑनबोर्डिंग, इंसेंटिव, ऑपरेशंस और सिटी-लेवल एक्सपेंशन में भारी निवेश के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना हुआ है। लॉन्च के बाद रेवेन्यू इसका रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है लेकिन विस्तार को प्राथमिकता देने के चलते रेवेन्यू की तुलना में एडजस्टेड ईबीआईटीडीए लॉस अधिक तेज बढ़ा और यह अपने पीक पर कब तक पहुंचेगा, इसे लेकर अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते हैं।
अर्बन कंपनी का कहना है कि इसी की वजह से यह फिर घाटे में आई है। अर्बन कंपनी ने इससे पहले वित्त वर्ष 2025 में ही एडजस्टेड ईबाआईटीडीए ब्रेक इवन हासिल कर लिया था और तब कंपनी ने कहा था कि इंस्टाहेल्प की ग्रोथ में निवेश बढ़ाने के कारण अगली कुछ तिमाहियों तक कंसालिडेटेड लेवल पर घाटा बना रह सकता है। अर्बन कंपनी ने उम्मीद जताई थी कि वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक एडजस्टेड ईबीआईटीडीए ब्रेकइवन हासिल हो सकती है लेकिन ऐसा इंस्टाहेल्प को छोड़कर भारतीय मार्केट में कंज्यूमर सर्विसेज और विदेशी बाजारों में हुए मुनाफे से इंस्टाहेल्प के घाटे की भरपाई के चलते होगी। इसका यह भी कहना है कि भारतीय कंज्यूमर सर्विसेज बिजनेस और यूएई और सिंगापुर ऑपरेशंस के मार्जिन विस्तार के बने रहने की संभावना है। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 तक कंसालिडेटेड लेवल पर ₹1000 करोड़ के एडजस्टेड ईबीआईटीडीए तक पहुंचने की है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Read More at hindi.moneycontrol.com