
Budget 2026 Expectations: अगले वित्त वर्ष 2027 के बजट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और यह रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को ही पेश होगा। अमेरिकी टैरिफ के साये में इस बार मार्केट को बजट से काफी उम्मीदें लगी हुई हैं। इक्वेंटिस वेल्थ एडवायजरी सर्विसेज के चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर जसप्रीत सिंह अरोड़ा का कहना है कि 7.4% के अनुमानित रियल जीडीपी ग्रोथ और 2% के स्थिर इनफ्लेशन के साथ वित्त वर्ष 2027 में भारतीत की मजबूत एंट्री करने वाला है और बजट में ऐसे ऐलानों की उम्मीद है जो पहले से चल रही सफल नीतियों को और मजबूत करे।
जसप्रीत का मानना है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में 11-13% का उछाल दिख सकता है। उन्होंने कहा कि डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, न्यूक्लियर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसी इंडस्ट्रीज को पीएलआई स्कीम के जरिए बढ़ावा दिया सकता है। साथ ही एआई और सेमीकंडक्टर के लिए बेहतर इंसेंटिव के जरिए देश को मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस बनाने पर जोर रहेगा। सरकार की प्राथमिकता में लॉन्ग-टर्म हेल्थ है और जीडीपी के मुकाबले कर्ज को अभी के 81% से घटाकर वित्त वर्ष 2031 तक करीब 50% पर लाने और राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4% तक सीमित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बजट से किन राहतों की है उम्मीद?
जसप्रीत का मानना है कि बजट के ऐलानों से राहत की उम्मीद है। उनका मानना है कि राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4% पर बनाए रखते हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर और डेवलपमेंट पर खर्च पर फोकस कर सकती है। उन्हें उम्मीद है कि कैपेक्स में बढ़ोतरी के साथ-साथ डिफेंस, इंफ्रा, एनर्जी ट्रांजिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और क्रिटिकल मिनरल्स को अधिक एलोकेशन की उम्मीद है। जसप्रीत के मुताबिक डीरेगुलेशन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, पीएसयू विनिवेश, क्रेडिट-गारंटी स्कीम्स के साथ-साथ एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे एरियाज में पीएलआई योजनाओं के विस्तार पर बजट में फोकस रह सकता है। उनका मानना है कि बड़े टैक्स बेनेफिट्स के ऐलानों पर प्राइवेट इनवेस्टमेंट को बढ़ावा मिल सकता है। उनका मानना है कि मार्केट को इस बार बड़े पैमाने राहत की उम्मीद तो नहीं है बल्कि खास ऐलान हो सकते हैं जैसे कि इस बार एमएसएमई और निर्यात पर अधिक निर्भर सेक्टर्स के लिए खास टैक्स क्रेडिट और इंसेंटिव का ऐलान हो सकता है।
स्टॉक मार्केट को लेकर ये हैं चुनौतियां
जसप्रीत का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ और अमेरिकी राष्ट्रपती डोनाल्ड ट्रंप की विस्तारवादी नीतियों के चलते नियर टर्म में स्टॉक मार्केट को तगड़ा झटका लग सकता है। उनका कहना है कि इसके चलते विदेशी निवेशकों लगातार बिकवाली कर रहे हैं और सिर्फ इसी महीने जनवरी में ही उन्होंने ₹40 हजार करोड़ से अधिक की निकासी की। रुपये की तेज गिरावट ने बिकवाली को और बढ़ाया जोकि एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में ₹91.99 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। उनका कहना गै कि टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और रुपये की कमजोर मिलकर नए निवेश को झटका दे रहे हैं और मार्केट में अस्थिरता बढ़ी है।
आईटी स्टॉक्स में खरीदारी का मौका
पिछले कुछ समय से आईटी शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। अब जसप्रीत का कहना है कि गिरावट के बाद निफ्टी आईटी का वैल्यूएशन करीब 27x P/E पर आ गया जो दिसंबर 2024 के रिकॉर्ड हाई 37x और 3 साल के औसतन 29x से नीचे है। उनका कहना है कि दिसंबर तिमाही में सीजनल सुस्ती की उम्मीदों के बावजूद बड़ी आईटी कंपनियों और कुछ मिडकैप के नतीजे मार्केट के अनुमानों से बेहतर रहे हैं। एआई से जुड़ी डील्स बढ़ रही हैं, एंटरप्राइज टेक रिफ्रेश साइकिल फिर से स्पीड पकड़ रही है और एनालिस्ट्स ने वित्त वर्ष 2027 में डॉलर टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 3-4% से बढ़ाकर 6-8% कर दिया है। जसप्रीत का मानना है कि निचले स्तर से उबरने, फर्लो प्रभाव के हल्के होने, टैरिफ की अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिका और यूरोप से मजबूत मांग के चलते यह साल 2026 भारतीय आईटी कंपनियों के लिए रिकवरी का संकेत दे रहा है।
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