Nvidia CEO on AI: आज हर तरफ AI की चर्चा है. Claude हो या Gemini, हर नए टूल के साथ यह डर भी बढ़ता जा रहा है कि कहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों की नौकरियां न छीन ले. खासकर कोडिंग, डेटा एनालिसिस और सॉफ्टवेयर जैसी व्हाइट-कॉलर जॉब्स को लेकर चिंता ज्यादा है. इसी माहौल में Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग ने ऐसा बयान दिया है जिसने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है. उनका कहना है कि AI नौकरियां खत्म करने के बजाय नई तरह की नौकरियां पैदा करेगा और इनमें प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन जैसी प्रोफेशनल स्किल्स की भारी मांग होगी.
दावोस में Jensen Huang का बड़ा बयान
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में बोलते हुए Jensen Huang ने साफ कहा कि यह मान लेना गलत है कि AI बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म कर देगा. उन्होंने माना कि ऑटोमेशन की वजह से कोडिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसी कुछ नौकरियों का स्वरूप बदलेगा लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि काम खत्म हो जाएगा. उनके मुताबिक, AI को चलाने के लिए जिस तरह के विशाल डेटा सेंटर्स और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी, वह नई नौकरियों का बड़ा जरिया बनेगा.
मजाक नहीं, हकीकत बन सकता है पुराना इंटरनेट जोक
इंटरनेट पर अक्सर एक मज़ाक चलता रहा है कि लोग चाहते थे AI बर्तन धोए और कपड़े धोए ताकि इंसान क्रिएटिव काम कर सके लेकिन हुआ इसका उल्टा. अब AI कला बना रहा है और इंसान घरेलू काम करने को मजबूर है.
Jensen Huang के बयान से लगता है कि यह मज़ाक भविष्य में सच भी हो सकता है. उनका इशारा है कि आने वाले समय में कोडर्स से ज्यादा जरूरत प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और टेक्नीशियन की होगी. हैरानी की बात यह है कि इन प्रोफेशन्स में काम करने वाले लोग सालाना एक लाख डॉलर से ज्यादा कमा सकते हैं.
AI बूम से शुरू होगा ऐतिहासिक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
Nvidia CEO के अनुसार, दुनिया भर में AI को तेजी से अपनाने की होड़ “मानव इतिहास का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण” साबित हो सकती है. इसके तहत नए डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां, चिप प्लांट्स और AI-स्पेशलाइज्ड यूनिट्स बनाए जाएंगे. इन सबके निर्माण में इंजीनियरों से ज्यादा जरूरत होगी प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, स्टील वर्कर्स और कंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट्स की.
ट्रेड जॉब्स में बढ़ेगी सैलरी, टेक जॉब्स को टक्कर
Huang का मानना है कि सिर्फ नौकरियों की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि इन स्किल-आधारित प्रोफेशन्स की सैलरी भी तेजी से बढ़ेगी. कई ट्रेड जॉब्स की कमाई अब पारंपरिक टेक जॉब्स के बराबर या उनसे ज्यादा हो रही है. स्किल्ड लेबर की कमी के कारण चिप फैक्ट्री और AI यूनिट्स में काम करने वाले लोग छह अंकों की सैलरी तक पहुंच सकते हैं.
AI की दुनिया सिर्फ इंजीनियर्स तक सीमित नहीं
Nvidia CEO ने जोर देकर कहा कि AI इकोनॉमी केवल कोडर्स और रिसर्चर्स के लिए नहीं है. डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ बढ़ने से हर तरह की स्किल्स की अहमियत बनी रहेगी.
उनके शब्दों में, “हर किसी को अच्छी कमाई का मौका मिलना चाहिए,” चाहे वह लैपटॉप के सामने बैठकर काम करे या किसी फैक्ट्री साइट पर.
AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, उनका रूप बदलेगा
जहां एक तरफ जनरेटिव AI को लेकर डर का माहौल है, वहीं Jensen Huang का तर्क इतिहास की ओर इशारा करता है. उनके मुताबिक, टेक्नोलॉजी अक्सर नौकरियों को खत्म नहीं करती, बल्कि उन्हें बदल देती है. AI जब रिपीट होने वाले काम संभाल लेगा, तब इंसान ज्यादा वैल्यू वाले और नए तरह के रोल्स में शिफ्ट हो सकता है चाहे वह कोडिंग से बाहर ही क्यों न हों.
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