Holashtak 2026: फाल्गुन का महीना 2 फरवरी 2026 से शुरू हो जाएगा. फाल्गुन में महाशिवरात्रि और होली त्योहार का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है. होली से पहले के 8 दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं. होलिका दहन से ठीक आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है. नकारात्मक ऊर्जाओं से भरी हुई इस अवधि में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं. इस दौरान बेहद सावधानी की आवश्यकता रहती है. ऐसे में जान लें 2026 में होलाष्टक कब से शुरू हो रहे हैं, होली किस दिन है.
होलाष्टक 2026 में कब से शुरू
फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक होलाष्टक लगते हैं. इस साल होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे हैं और इसका समापन 3 मार्च 2026 को होलिका दहन पर किया जाएगा.
बसंत पंचमी से होली की शुरुआत हो जाती है. बाबा महाकाल को बसंत पंचमी से होली तक गुलाल अर्पित किया जाता है. इसके अलावा अन्य जगहों पर इस दिन होली का डंडा भी गाड़ा जाता है.
क्या है होलाष्टक
राक्षस राज हिरण्य कश्यप खुद को भगवान समझता था. वह अपने विष्णु भक्त पुत्र प्रहलाद्ध को घोर यातनाएं देकर डराकर, धमकाकर अपने अधीन करना चाहता था. उसने प्रहलाद को आठ दिन घोर यातनाएं दीं. इसी अवधि को होलाष्टक कहा जाता है.
होलाष्टक में क्या नहीं करें
शास्त्रों में कहा गया है कि इन दिनों में 16 संस्कार जैसे नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए. वहीं किसी भी प्रकार का हवन, यज्ञ कर्म भी इन दिनों में नहीं किया जाता है. शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि होलाष्टक शुरू होने पर जिन लड़कियों की नई शादी हुई होती है, उन्हें अपने मायके में रहना चाहिए.
होलाष्टक के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति से न तो कोई चीज लें न खाएं. इस अवधि में नकारात्मक ऊर्जा काफी ज्यादा होती है. ऐसे में किसी की दी हुई चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
होलिका दहन 2026
इस साल होलिका दहन 3 मार्च और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को है. होलिक दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6.22 मिनट से लेकर रात 8.50 मिनट तक रहेगा.
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