हिमाचल: भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कें बंद, बिजली ठप, अपर शिमला का संपर्क कटा

हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सीज़न की पहली भारी बर्फबारी ने जहां पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया है, वहीं आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और दुश्वारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. राजधानी शिमला समेत प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है.

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश भर में कुल 563 सड़कें बंद हो चुकी हैं. इसके अलावा 3 नेशनल हाईवे और एक स्टेट हाईवे भी बंद है. इसमें शिमला जिला की सड़कों का आंकड़ा शामिल नहीं है. अकेले लाहौल स्पीति जिले में ही 290 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं.

शिमला जिले में भी कई सड़कें बाधित

शिमला जिले में भी कई सड़कें बाधित हैं. शिमला–रामपुर नेशनल हाईवे, शिमला–रोहड़ू और शिमला–चौपाल मार्ग बंद होने से अप्पर शिमला का संपर्क राजधानी से कट गया है. कुफरी, नारकंडा, खड़ापत्थर और खिड़की जैसे इलाकों में सड़कें बर्फ़ और फिसलन के कारण पूरी तरह बंद हैं. शिमला शहर के भीतर भी कार्ट रोड, ढली, संजौली, टुटीकंडी और विकासनगर समेत कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप है.

भारी बर्फबारी से बिजली आपूर्ति बाधित

भारी हिमपात का सबसे बड़ा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है. प्रदेश में कुल 4797 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांव और शहरी इलाके अंधेरे में डूबे हैं. मंडी ज़िले में 1497, चम्बा में 793, कुल्लू में 682, सिरमौर में 624 और ऊना में 583 ट्रांसफार्मर बंद हैं. लगातार गिरते तापमान और तेज़ हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया है. शिमला पुलिस और प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और घरों व होटलों में ही रहने की अपील की है. 

आपात स्थिति के लिए पुलिस सहायता नंबर जारी

आपात स्थिति के लिए पुलिस सहायता नंबर 112 और 0177-2812344 जारी किया गया है. वहीं, बर्फबारी से परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह चरमरा गई है. हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अप्पर शिमला सहित किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के बर्फ प्रभावित इलाकों में कई रूटों पर बस सेवाएं स्थगित कर दी हैं.

हिमाचल में कहां कितनी हुई बर्फबारी?

उधर, मौसम विभाग के अनुसार शिमला में 0.6 सेंटीमीटर, मनाली में 4.8, कुफरी और केलांग में 4-4, भरमौर में 4, कुकुमसेरी में 6.8 और कोठी में 15 सेंटीमीटर तक बर्फ़बारी दर्ज की गई है, जबकि निचले इलाकों में तेज़ बारिश हुई है. विभाग ने आज कई स्थानों पर भारी बारिश और बर्फ़बारी के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ झोंकों की चेतावनी दी है और कुछ इलाकों में ठंडा दिन तथा घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है.
अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने के आसार

अगले दो दिनों तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब बने रहने के आसार हैं, जबकि 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर की संभावना बताई गई है. 27 जनवरी को प्रदेश में एक बार फिर भारी बर्फबारी-वर्षा व तूफान का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे 

इस बीच प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे या उसके आसपास दर्ज किया गया है. कुफरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.3 डिग्री, कुकुमसेरी में माइनस 2.8, नारकंडा में माइनस 3.5, तबो में माइनस 4.2, मशोबरा में माइनस 0.9 और कल्पा में माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि शिमला में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच गया है. लगातार बर्फबारी और ठंड के इस दौर ने जहां पर्यटकों को रोमांचित किया है, वहीं आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी एक बड़ी चुनौती बन गई है.

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