23 जनवरी 2026 यानी की आज चंद्रमा, शनि और नेपच्यून का बेहद ही दुर्लभ त्रिपक्षीय संयोजन पश्चिमी आकाश में दिखाई देगा. सूर्यास्त होने के बाद पता अर्धचंद्राकार चंद्रमा चमकीले शनि के नजदीक होगा, और धुंधला नेपच्यून के पास भी स्थित होगा, जिसे दुनियाभर के खगोलविदों को बेहद साफ त्रिमूर्ति दिखाई देगी.
इस दौरान चंद्रमा शनि और नेपच्यून के नीचे धीरे से मुड़ेगा, जिससे पृथ्वी के ऊपर एक प्राकृतिक मुस्कुराता हुआ चेहरा साफ देखा जा सकेगा. यह त्रिपक्षीय संयोजन तब होता है, जब तीनों खगोलीय पिंड एक साथ नजदीक दिखाई देते हैं.
त्रिआधारी संयोजन तब होता है, जब पृथ्वी के नजरिए से आकाश में खगोलीय पिंड एक दूसरे के बेहद नजदीक दिखाई देता है. भले ही वे अंतरिक्ष में काफी दूर हो. आज की रात को चंद्रमा, शनि और नेपच्यून सूर्यास्त के बाद एक कॉम्पैक्ट समूह बनाएंगे.
शनि स्थिर रूप से चमकने के साथ चंद्रमा भी अधिक चमकीला होगा और नेपच्यून धुंधला, जिसे देखने के लिए छोटे टेलीस्कोप की जरूरत होगी.
त्रिआधारी संयोजन कब दिखाई देता है?
चंद्रमा, शनि और नेपच्यून का त्रिपक्षीय संयोजन 23 जनवरी 2026 को सूर्यास्त होने के तुरंत बाद शाम के प्रारंभिक समय में होगा. इस संरेखण को देखने का सर्वोत्तम समय सूर्यास्त के करीब 30 से 90 मिनट बाद का है.
शनि और चंद्रमा को गोधूलि बेला और शाम के शुरुआत समय में नंगी आंखों से देख पाना आसान होगा. जबकि नेपच्यूनकाफी धुंधला नजर आएगा. नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन की जरूरत होगी.
संयोजन क्या होता है?
संयोजन स्पष्ट संरेखण है, वे पृथ्वी के नजरिए पर निर्भर करते हैं. ग्रह सूर्य की परिक्रमा करीब एक ही तल में करते हैं, इसलिए कभी-कभी वे आकाश में एक दूसरे के नजदीक दिखाई देते हैं. चंद्रमा और ग्रह अंतरिक्ष में भौतिक रूप से एक दूसरे के करीब नहीं हैं, लेकिन पृथ्वी के आस-पास दिखाई देते हैं.
यहा कहां-कहां दिखाई देगा?
चंद्रमा, शनि और नेपच्यून का त्रिपक्षीय संयोजन विश्व के अधिकांश भागों में दिखाई देगा. उत्तरी गोलार्ध में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया शामिल हैं. दक्षिणी गोलार्ध में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं.
इस दुर्लभ घटना को देखने का सही तरीका?
सूर्यास्त के फौरन बाद घर से बाहर निकलें और पश्चिम दिशा की ओर मुख करके कम रोशनि प्रदूषण वाली अंधेरे स्थान को चुनें. इस दौरान चंद्रमा नंगी आंखों से आसानी से दिखाई देगा. शनि चमकीला और स्थिर रहेगा. यह बिना किसी उपकरण के दिखाई देगा, जबकि नेपच्यून को देखने के लिए शनि और चंद्रमा के नजदीक दूरबीन या टेलीस्कोप की मदद लेनी पड़ेगी.
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