US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान की ओर एक बड़ी सैन्य ताकत बढ़ रही है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि अमेरिका की इच्छा सैन्य कार्रवाई करने की नहीं है, लेकिन क्षेत्र में हालात को लेकर वॉशिंगटन पूरी तरह सतर्क है.
रिपोर्टरों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र में एक विशाल नौसैनिक बेड़ा तैनात किया है, लेकिन उम्मीद जताई कि इसका इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्होंने कहा, “हमारी एक बड़ी फ्लोटिला उस दिशा में जा रही है. देखते हैं आगे क्या होता है. ईरान की ओर एक बड़ी ताकत बढ़ रही है. मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो, लेकिन हम उन पर बहुत करीबी नजर रखे हुए हैं.”
‘ईरान ने प्रदर्शनकारियों की फांसी की योजना रोकी’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर दावा किया कि वॉशिंगटन के दबाव के चलते ईरान ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की कथित योजना को रद्द कर दिया. ट्रंप ने कहा, “मैंने गुरुवार को 837 फांसियों को रुकवाया. वे सब मारे जा चुके होते. हर एक को फांसी दी जानी थी.’ उन्होंने इन कथित फांसियों को “हजार साल पुरानी बर्बरता करार दिया.
उन्होंने कहा कि फांसी का सामना कर रहे लोग ज्यादातर युवा पुरुष थे और दावा किया कि सख्त चेतावनी के बाद तेहरान पीछे हट गया. ट्रंप के मुताबिक, “मैंने कहा था कि अगर तुम इन लोगों को फांसी दोगे तो तुम्हें ऐसा जवाब मिलेगा जैसा पहले कभी नहीं मिला. यह हमारे परमाणु कार्यक्रम पर की गई कार्रवाई के सामने मूंगफली जैसा लगेगा.” ट्रंप ने आगे कहा कि फांसी की योजना को अमल में लाने से ठीक एक घंटे पहले उसे रद्द कर दिया गया.
मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य का बढ़ा जमावड़ा
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और अन्य सैन्य संसाधन मध्य पूर्व पहुंचने वाले हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र से कई युद्धपोत पहले ही रवाना हो चुके हैं. इनमें एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन, कई विध्वंसक युद्धपोत और लड़ाकू विमान शामिल हैं. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने पर भी विचार किया जा रहा है.
परमाणु कार्यक्रम पर दी चेतावनी
ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका को आगे कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर शुरू किया तो वॉशिंगटन जवाब देगा. दावोस में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “वे परमाणु नहीं कर रख सकते. अगर उन्होंने किया, तो फिर वही होगा.
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी चिंता जताई है. एजेंसी ने कम से कम सात महीनों से ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार की पुष्टि नहीं की है, जबकि दिशा-निर्देशों के तहत हर महीने निरीक्षण किया जाना चाहिए.
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