तेलंगाना में ‘धर्म रक्षा सभा’ को हाईकोर्ट ने दी मंजूरी, हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को दिए खास निर्देश

तेलंगाना हाईकोर्ट ने बालापुर में 24 जनवरी को होने वाली ‘धर्म रक्षा सभा’ को शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है. अदालत ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे श्री श्री गिरि ब्रह्मचारी और भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति की इस मीटिंग को तीन घंटे के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होने दें. यह फैसला पुलिस की ओर से लंबित आवेदन पर ‘अकर्मण्यता’ के खिलाफ दायर याचिका पर आया है, जिसमें अनुच्छेद 19 के तहत शांतिपूर्ण इकट्ठा होने के अधिकार को हवा दी गई है.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कई शर्तें लगाई हैं

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कई सख्त और स्पष्ट शर्तें लगाई हैं, जिनका मकसद कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इस मंच पर किसी भी तरह की राजनीतिक और भड़काऊ भाषण की इजाजत नहीं होगी. पीठाशील ने यह भी साफ किया कि आयोजकों ने खुद वादा किया है कि कोई भी राजनीतिक नेता स्टेज पर नहीं आएगा. इसके अलावा, कार्यक्रम में भड़काऊ या नफरत फैलाने वाली भाषण (hate speech) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.

सिर्फ 3 हजार लोग हो सकते हैं हिस्सा

अदालत ने भीड़ की संख्या को भी 3,000 तक सीमित कर दिया है. यह मीटिंग 10 एकड़ के निजी भूमि पर होगी, जिसके लिए जमीन मालिकों से एनओसी (NOC) ली जा चुकी है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मीटिंग स्थल पर किसी भी प्रकार के हथियार या गोला-बारूद ले जाना वर्जित है. पुलिस को यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने और पर्याप्त बंदोबस्त करने के आदेश दिए गए हैं.

यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब पीटिशनर्स ने शिकायत की कि 9 जनवरी को आवेदन देने के बावजूद पुलिस ने 21 जनवरी तक न तो इजाजत दी और न ही अस्वीकृति का नोटिस भेजा. पीठाशील के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि बस ‘कानून व्यवस्था का डर’  दिखाकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को नहीं रोका जा सकता. हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार किया लेकिन साथ ही साफ कर दिया कि अगर कोई भी शर्त टूटती है, तो पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने और मीटिंग को रोकने का पूरा अधिकार होगा.

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