Kidney Health In Men: आजकल कई पुरुष अपनी ताकत और फिटनेस पर खास ध्यान देते हैं। जिम जाना, मसल्स बनाना और दिल की सेहत का ख्याल रखना उनकी प्राथमिकता होती है. लेकिन इसी दौड़ में सेहत का एक बेहद अहम हिस्सा किडनी की सेहत अक्सर नजरअंदाज हो जाता है. किडनी से जुड़ी समस्याओं का एक शुरुआती और बेहद खामोश संकेत है यूरिन में प्रोटीन का आना, जिसे मेडिकल भाषा में प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है.
शुरुआती दौर में प्रोटीन्यूरिया के कोई साफ लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन यह अंदरूनी तौर पर किडनी को हो रहे नुकसान का इशारा हो सकता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर यह गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है. मेदांता, गुरुग्राम में नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट के सीनियर डायरेक्टर डॉ. मनीष जैन के मुताबिक, पुरुष अक्सर इस छिपे हुए संकेत को पहचान नहीं पाते. उन्होंने इसके बारे में बताया है.
किडनी कैसे काम करती है?
किडनी हमारे शरीर का फिल्टर सिस्टम है. यह खून से गंदगी और अतिरिक्त तरल पदार्थ को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. इसके साथ ही ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने और रेड ब्लड सेल्स बनाने में भी इसकी अहम भूमिका होती है. स्वस्थ किडनी में मौजूद खास फिल्टर (ग्लोमेरुली) यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रोटीन जैसे बड़े तत्व यूरिन में न जाएं.
प्रोटीन्यूरिया क्या है और क्यों है खतरनाक?
जब किडनी के ये फिल्टर खराब होने लगते हैं, तो प्रोटीन पेशाब के रास्ते बाहर निकलने लगता है. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है. शुरुआत में कोई तकलीफ महसूस नहीं होती, इसलिए इसे किडनी की साइलेंट बीमारी भी कहा जाता है. लेकिन जैसे-जैसे नुकसान बढ़ता है, पैरों और टखनों में सूजन, थकान, झागदार पेशाब और रात में बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं दिखने लगती हैं.
पुरुषों को ज्यादा दिक्कत क्यों?
पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर कम उम्र में होने की संभावना ज्यादा होती है, जो किडनी खराब होने की बड़ी वजह है. इसके अलावा टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी पुरुषों में अधिक देखा जाता है, जिससे समय के साथ किडनी को नुकसान पहुंचता है. बढ़ती उम्र में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या भी यूरिन के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकती है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है. साथ ही धूम्रपान, ज्यादा शराब पीना, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का अधिक सेवन जैसी लाइफस्टाइल आदतें भी किडनी के लिए नुकसानदेह साबित होती हैं. लक्षणों को नजरअंदाज करना बीमारी की पहचान और इलाज में देरी कर देता है.
प्रोटीन्यूरिया की पहचान कैसे करें?
इसकी पहचान के लिए किसी जटिल जांच की जरूरत नहीं होती. एक सामान्य यूरिन टेस्ट से भी पेशाब में प्रोटीन का पता चल सकता है. अगर रिपोर्ट में प्रोटीन पाया जाता है, तो डॉक्टर आगे की जांच जैसे स्पॉट यूरिन प्रोटीन-क्रिएटिनिन रेशियो, 24 घंटे की यूरिन जांच और खून के टेस्ट से किडनी की स्थिति को परखते हैं,
किडनी को हेल्दी रखने के आसान उपाय
किडनी की सेहत के लिए सबसे जरूरी है ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना. अगर इनसे जुड़ी कोई समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह से दवा, सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज अपनाएं। वजन को नियंत्रित रखें, क्योंकि मोटापा हाई बीपी और डायबिटीज दोनों का खतरा बढ़ाता है. रोजमर्रा के खाने में प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा लाल मांस और मीठे पेय पदार्थों को कम करें और फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हल्के प्रोटीन को शामिल करें. इसके साथ हेल्थ चेकअप कराते रहें.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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