
Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों में आज 22 जनवरी को शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 750 अंकों से भी अधिक उछल गया। वहीं निफ्टी एक बार फिर बढ़कर 25,400 के पार पहुंच गया। इसके साथ ही शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी भारी गिरावट पर ब्रेक लगा। ग्लोबल स्तर पर भू-राजनीतिक और आर्थिक तनाव कम होने से बाजार ने राहत की सांस ली और निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूती मिली। ट्रंप के नरम रुख से ग्लोबल बाजारों में पॉजिटिव माहौल बना, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
सुबह करीब 9:45 बजे Sensex 773.05 अंक यानी 0.94 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,682.69 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 245.35 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,402.85 के ऊपर पहुंच गया था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कई दिन बाद खरीदारी लौटी और दोनों इंडेक्स करब 1.5 फीसदी तक चढ़ गए। अधिकतर सेक्टर्स भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 3 बड़ी खबरें रहीं-
1. ट्रंप का ग्रीनलैंड और यूरोप को लेकर बदला रुख
शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड और यूरोप को लेकर बदला हुआ रुख रहा। ट्रंप ने बुधवार को साफ कर दिया कि वह ग्रीनलैंड को जबरन अपने नियंत्रण में लेने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की योजना भी फिलहाल के लिए टाल दी। ट्रंप ने दावोस में नाटो के महासचिव मार्क रुटे से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर एक ढांचा तय हो गया है और इस समझ के आधार पर 1 फरवरी से प्रस्तावित नए टैरिफ लागू नहीं किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने इस डील का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
जियोजित इनवेस्टमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि यह ट्रंप की वही पुरानी शैली है, जिसे बाजार में ‘TACO’ यानी Trump Again Chickens Out कहा जाता है। उनके मुताबिक, अमेरिका द्वारा यूरोप पर टैरिफ न लगाने का संकेत बेहद अहम है, क्योंकि इससे अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर का खतरा टल गया है। हाल के दिनों में बाजारों को नीचे गिराने वाला यह एक मुख्य कारण था। विजयकुमार ने यह भी कहा कि बाजार में करीब दो लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स खुले हुए हैं और मौजूदा परिस्थितियां शॉर्ट कवरिंग के लिए अनुकूल हैं, जिससे यह तेजी आगे और बढ़ सकती है।
2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बढ़ी उम्मीदें
तेजी का दूसरा अहम कारण भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदें भी रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि अमेरिका जल्द ही भारत के साथ “एक अच्छा सौदा” करने जा रहा है। इस बयान से संकेत मिला कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत पॉजिटिव दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ
3. ग्लोबल बाजारों से मिला सपोर्ट
अमेरिका के शेयर बाजार बीती रात मजबूती के साथ बंद हुए। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स ने भी आज सुबह अमेरिकी बाजारों में मजबूत शुरुआत के संकेत दिए। एशियाई बाजारों में भी जोखिम लेने की भावना में सुधार दिखा, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ नजर आया। ग्लोबल स्तर पर जोखिम कम होने और अनिश्चितता घटने से निवेशकों ने इक्विटी में दोबारा रुचि दिखाई।
टेक्निकल चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि बुधवार को 25,300 के स्तर के आसपास निफ्टी की तेजी टिक नहीं पाई थी, जिससे नीचे की ओर फिसलने की आशंका बनी हुई थी। हालांकि, निचले बोलिंजर बैंड के पास बना डोजी पैटर्न और 200-दिनों का सिंपल मूविंग एवरेज की निकटता यह संकेत देती है कि बाजार में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन या स्थिरता आ सकती है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी सीधे 25,300 के ऊपर निकलने में सफल रहता है, तो आगे 25,470 से 25,580 तक की तेजी भी संभव है।
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