दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में वैश्विक व्यवस्था को लेकर दिए गए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बयान के बाद अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव साफ नजर आने लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्नी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही सुरक्षित है और उसे इसके लिए आभार जताना चाहिए.
विश्व आर्थिक मंच में करीब 70 मिनट तक चले भाषण में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे के साथ-साथ पश्चिमी सहयोगी देशों को भी निशाने पर लिया. इस दौरान उन्होंने कनाडा का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका कनाडा को कई तरह की सुविधाएं और सुरक्षा देता है, लेकिन इसके बावजूद वहां के नेतृत्व में कृतज्ञता की कमी दिखाई देती है. ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री को देखा था, लेकिन उनके रवैये में अमेरिका के प्रति कोई धन्यवाद का भाव नजर नहीं आया. उन्होंने दावा किया कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही सुरक्षित और अस्तित्व में है.
🚨 HOLY CRAP! President Trump is now calling out Canada PM Mark Carney to his FACE for not being grateful to America 🔥
“Canada LIVES because of the US. Remember that, Mark [Carney], the next time you make your statements!”
“I watched your PM yesterday, he wasn’t grateful!”… pic.twitter.com/wetyWc5z6C
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) January 21, 2026
गोल्डन डोम एयर डिफेंस सिस्टम का जिक्र
भाषण के दौरान ट्रंप ने अमेरिका के प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ एयर डिफेंस सिस्टम का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह प्रणाली केवल अमेरिका की ही नहीं, बल्कि कनाडा की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगी. ट्रंप ने सख्त लहजे में यह भी कहा कि भविष्य में कोई बयान देने से पहले कनाडा को यह बात याद रखनी चाहिए.
कार्नी के बयान से शुरू हुआ विवाद
इससे एक दिन पहले कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दावोस मंच से वैश्विक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया था. हालांकि उन्होंने अमेरिका या राष्ट्रपति ट्रंप का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन अमेरिकी नेतृत्व वाली नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को प्रभावहीन बताया. कार्नी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अब उस रूप में काम नहीं कर रही है, जैसी पहले मानी जाती थी. उनके अनुसार दुनिया ऐसे दौर में पहुंच चुकी है, जहां बड़ी शक्तियां आर्थिक एकीकरण का इस्तेमाल दबाव और जबरदस्ती के हथियार के रूप में कर रही हैं.
छोटे देशों से एकजुट होने की अपील
मार्क कार्नी ने अपने संबोधन में छोटे और मध्यम देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई देश वैश्विक फैसलों की मेज पर शामिल नहीं है तो वह खुद फैसलों का शिकार बन सकता है. उनके इस बयान को अमेरिका के वैश्विक दबदबे को सीधी चुनौती के रूप में देखा गया.
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