केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (21 जनवरी, 2026) को एबीपी नेटवर्क की ओर से आयोजित इंडियो 2047 यूथ कॉन्क्लेव के मंच से ग्रेटर नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मैं इस बात को इसलिए समझ सकता हूं क्योंकि मैं भी सड़क हादसे का पीड़ित रहा हूं. मेरा पैरा चार जगह टूटा था और इसलिए मैं कहूंगा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं.
उन्होंने कहा, ‘मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि सड़क हादसों को कैसे खत्म किया जाए. मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता, मुझे शर्म आती है यह कहते हुए कि हमारे देश में 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, 1 लाख 80 हजार लोगों की मौतें होती हैं और इसमें 18 से 30 आयु वर्ग में 66% युवाओं की मौत होती है.’
सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वालों राहवीर करते हैं घोषित- गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘सड़क हादसों में घायलों की मदद करने को लेकर आम लोगों के मन में एक भावना है कि अगर मैं कुछ मदद करूं तो पुलिस मेरे पीछे लगेगी, कोर्ट में मामला जाएगा, तो क्यों ही झमेले में पड़ना है. तो इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्णय दिया है और हमने भी कानून में सुधार किया है कि अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल होता है और कोई शख्स उसे उठाकर तुरंत किसी भी अस्पताल में पहुंचाता है, तो हम उसे राहवीर घोषित करते हैं और उसे तुरंत 25 हजार रुपये का पुरस्कार देते हैं. इसके बाद उस व्यक्ति से किसी भी तरह की कोई पूछताछ नहीं होगी, कोई तकलीफ नहीं होगी.’
#ABPYouthConclave | “मुझे शर्म आती है…” नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” बताते हुए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जो कहा, वो ज़रूर सुनिए!#IndiaAt2047 #ABPYouthConclave #YuvrajMehta #NoidaAccident #ABPNews | @nitin_gadkari | @MeghaSPrasad pic.twitter.com/VLcNtUgimc
— ABP News (@ABPNews) January 21, 2026
उन्होंने कहा, ‘सड़क हादसे में घायल व्यक्ति इलाज के लिए किसी भी अस्पताल में जाए, उसके अस्पताल का 7 दिनों का खर्च मिनमम 1.5 लाख रुपये हम उसको देंगे. फिर चाहे दुर्घटना गांव की सड़क पर हो, शहर में हो, जिले में हो, स्टेट हाईवे पर हो या नेशनल हाईवे हो.’
AIIMS की रिपोर्ट को लेकर बोले नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘एम्स ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि अगर किसी का एक्सीडेंट होता है और हम तुरंत मदद करते हैं, तो ऐसे में हम कम से कम 50 हजार लोगों की जान बचा सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इसका मतलब है कि अगर किसी का एक्सीडेंट होता है और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में लेकर जाया जाता है, तो उसकी जान जाने की संभावना कम हो जाती है.’
यह भी पढ़ेंः ‘कुछ ही घंटों में तबाह कर घुटनों पर ला देंगे…’, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी!
Read More at www.abplive.com